Technology : अभी के समय में टेक्नोलॉजी ने काफी तरक्की कर ली है। टेक्नॉलॉजी के आने के बाद से दुनिया में कई बड़ी चीजों में बदलाव देखने को मिला है। इसी बढ़ते कदम में अब एआई ने इसकी जगह ले ली है। एआई की दुनिया में अब देश की दिग्गज कंपनियों में शामिल रिलाइंस जियो भी कूद गई है। जियो ने भारत में अपना पहला AI-Cloud Data Center स्थापित किया है। गुजरात के जामनगर में भारत का पहला और सबसे बड़ा AI-Cloud Data Center बनाया गया है। जिसके बाद अब सेंटर भारत के डेटा, तकनीक और नवाचार को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएगा।
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जाने क्या है AI-Cloud Data Center
साधारण शब्दों में समझें तो ‘डेटा सेंटर’ एक बहुत बड़ा डिजिटल गोदाम है, जहाँ करोड़ों लोगों की जानकारी, फोटो, वीडियो और सरकारी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाते हैं। लेकिन जियो ने इसे एक कदम आगे ले जाते हुए ‘AI-Ready’ बनाया है। इसका मतलब है कि यह सेंटर न सिर्फ जानकारी जमा करेगा, बल्कि उस जानकारी को ‘सोचने और समझने’ की ताकत भी देगा।
रिलाइंश जियो के मालिक मुकेश अंबानी का विजन एकदम साफ है-AI सबके लिए। आने वाले दिनों में जियो का लक्ष्य है कि एआई की ताकत सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि भारत का एक साधारण किसान, छोटा दुकानदार और छात्र भी इसका लाभ आसानी से उठा सके।
AI-Cloud Data Center से आम आदमी की जिंदगी पर क्या असर होगा?
भारत में जियो के द्वारा स्थापित इस डेटा सेंटर से हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में काफी बदलाव आने वाले हैं।
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सस्ता एआई (AI for Everyone): हम सबको पता ही होगा कि जब डाटा काफी महंगा हुआ करता था उस दौर में जियो ने कॉलिंग और डेटा को कौड़ियों के दाम पर जनता तक पहुँचाया था। इसी तर्ज पर अब ‘जियो एआई-क्लाउड’ के जरिए आम लोगों को बहुत कम कीमत पर एआई टूल्स मिलेंगे।
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जियो ‘ब्रेन’ (Jio Brain): यह एक ऐसा सिस्टम होगा जो आपकी भाषा (हिंदी, बंगाली, तमिल आदि) को किसी भी भाषा में आसानी से समझेगा। उदाहरण के लिए, एक किसान अपनी भाषा में एआई से पूछ सकेगा कि उसकी फसल में कौन सा रोग लगा है और एआई पल भर में सटीक जवाब दे देगा। इससे काम काफी आसान हो जाएगा और लोगों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सकेगा।
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डेटा की सुरक्षा: भारत में एआई डाटा सेंटर स्थापित करने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब आपका डेटा भारत की जमीन पर सुरक्षित रहेगा। इससे न केवल प्राइवेसी बढ़ेगी, बल्कि प्रोसेसिंग की स्पीड (Latency) भी कई गुना तेज हो जाएगी।
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AI-Cloud Data Center से भारत बनेगा ‘ग्लोबल एआई हब’?
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस जियो का यह कदम भारत को वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:-
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सस्ती बिजली और ग्रीन एनर्जी: गुजरात के जामनगर में स्थित यह सेंटर सौर ऊर्जा जैसी हरित ऊर्जा पर आधारित है। इससे डेटा प्रोसेसिंग की लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा।
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एआई इंफ्रास्ट्रक्चर: जियो ने भारत में एआई को बढ़ावा देने के लिए और सस्ती दर पर एआई टेक्नोलॉजी को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए दुनिया की सबसे ताकतवर एआई चिप बनाने वाली कंपनी NVIDIA के साथ हाथ मिलाया है। इसका मतलब है कि भारत के पास अब वो सुपरकंप्यूटिंग पावर होगी जो अभी तक केवल अमेरिका या चीन के पास थी।
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स्टार्टअप्स को बढ़ावा: देश में फिलहाल एक से लेकर एक कई स्टार्टअप खड़ी हो रही है। इस दौर में लोगों को भारत के नए स्टार्टअप्स को अब भारी-भरकम पैसे खर्च करके विदेशी क्लाउड सर्विस (जैसे Amazon या Google) पर निर्भर नहीं रहना होगा। पर जियो क्लाउड के शुरु हो जाने के बाद उन्हें घर में ही सस्ता और तेज विकल्प मिलेगा।
डिजिटल गुलामी से आजादी
सालों से यह बहस चलती रही है कि भारतीय यूज़र्स का डेटा विदेशी कंपनियां इस्तेमाल करती हैं और उससे मुनाफा कमाती हैं। जियो का यह डेटा सेंटर ‘डिजिटल संप्रभुता’ (Digital Sovereignty) की ओर एक बड़ा कदम है। जब हमारा डेटा हमारे देश में रहेगा, तो सरकार के लिए नीतियां बनाना और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान होगा।
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि इन सबके बीच यह सफर इतना आसान नहीं होने वाला है। एआई के लिए भारी मात्रा में पानी और बिजली की जरूरत होती है। इसके साथ ही एआई के आने से रोजगार के बदलते स्वरूप को लेकर भी चिंताएं हैं। लेकिन रिलायंस का तर्क है कि एआई नौकरियों को खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए तरह के अवसर पैदा करेगा और भारतीयों की कार्यक्षमता (Productivity) को बढ़ाएगा।













