Jharkhand News: सारंडा वन क्षेत्र को अभ्यारण्य घोषित करेने के लिए आज सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार को तलब किया है. जिसके लिए हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव दोनों ही दिल्ली पहुंच चुकें है.
हाजी मतलुब इमाम का राज्य के वन विभाग पर आरोप
इसी को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हाजी मतलुब इमाम ने राज्य के वन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि, केंद्र सरकार की जू अथॉरिटी ने केवल सारंडा वन क्षेत्र के कुछ हिस्सों की मांग की थी लेकिन वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने झारखंड सरकार से मंतव्य लिए बिना पूरे क्षेत्र को अभ्यारण्य घोषित करने का Affidavit सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया.
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दोषी अधिकारियों पर सख्त से सक्त कार्रवाई की मांग
हाजी मतलुब इमाम ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने यह कदम राज्य सरकार को जान कर कानूनी संकट में डालने की मंशा से उठाया है. उन्होनें मांग की है कि, इस पूरे मामले की गहनता से जांच हो और दोषी अधिकारियों पर सख्त से सक्त कार्रवाई की जाए.
क्या है मामला?
बता दें, 2022 में NGT ने सारंडा के 400 वर्ग किमी क्षेत्र को वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी घोषित करने का निर्देश दिया था. राज्य सरकार ने बाद में 57,519 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करने की योजना बताई, लेकिन वह बिना मंजूरी के भेजी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने 18 सितंबर की सुनवाई में इस लापरवाही को अवमानना माना था.
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