Share Market Update: सेंसेक्स 2600 अंक चढ़कर 77,200 के पार, अमेरिका-ईरान सीजफायर से लौटी रौनक
Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार में आज यानी बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने के कारण निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही आज अपने नए शिखरों की ओर बढ़ रहे हैं।
Share Market Update: बाजार की आज की बड़ी बातें
- सेंसेक्स: 2600 अंक (50%) की भारी बढ़त के साथ 77,200 के स्तर पर।
- निफ्टी: 750 अंक (24%) उछलकर 23,900 के पार।
- सेक्टरल तेजी: ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी। ऑटो और रियल्टी इंडेक्स 5% तक ऊपर।
- ग्लोबल संकेत: अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान से वैश्विक बाजारों में जोश।
7 अप्रैल 2026 का हाल (बीता हुआ कल)
कल के बाजार की स्थिति (जैसा कि इमेज में दर्शाया गया है) भी सकारात्मक रही थी। कल बाजार लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ था:
- सेंसेक्स: 74,617 (↑ 0.69%)
- निफ्टी: 23,124 (↑ 0.68%)
- मिडकैप 100: 54,601 (↑ 0.20%)
- स्मॉलकैप 100: 15,843 (↓ 0.06%) – इसमें मामूली गिरावट देखी गई थी।
कल के टॉप गेनर्स और लूजर्स:
| शेयर | करंट प्राइस | चेंज % |
| विप्रो (Wipro) | ₹205 | +3.71% |
| हिंडाल्को (Hindalco) | ₹955 | +2.97% |
| TCS | ₹2,544 | +2.81% |
लूजर्स: डॉ. रेड्डी (-1.63%), इंडिगो (-1.01%), और अडानी एंटरप्राइजेज (-0.96%) लाल निशान में बंद हुए थे।
तेजी की मुख्य वजह
बाजार में इस सुनामी जैसी तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों से चल रहे युद्ध पर 14 दिनों का विराम (Ceasefire) लगना है।
- मध्यस्थता: पाकिस्तान और चीन की कोशिशों से दोनों देश युद्ध रोकने पर सहमत हुए हैं।
- होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz): समझौते के तहत जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार होगा।
- कच्चा तेल (Crude Oil): सीजफायर की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में 13% की भारी गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
एशियाई बाजारों का प्रदर्शन
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में हरियाली है:
- कोस्पी (South Korea):35% की ऐतिहासिक बढ़त।
- निक्केई (Japan):12% चढ़कर 56,166 पर।
- हैंगसेंग (Hong Kong):85% की तेजी।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और युद्ध थमने की उम्मीद ने भारतीय बाजार को बूस्टर डोज दिया है। विशेष रूप से बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में आई तेजी यह दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था पर अटूट है।













