Jharkhand: दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार भोज में शनिवार को नेमरा में अपार भीड़ उमड़ी। एक दर्जन से अधिक जिलों के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) मौके पर पहुंचे। संताल परगना के दुमका, साहेबगंज समेत विभिन्न जिलों से राजनीतिक कार्यकर्ता और आम लोग लगातार श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
भोज को लेकर पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नेमरा गांव से 10 किलोमीटर पहले आम वाहनों को रोककर पार्किंग स्थल पर खड़ा किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को गांव तक पहुंचाने के लिए ऑटो और फेरी सेवा उपलब्ध कराई गई है।
गांव के प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। वहीं, नेमरा में पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है। पूरे 15 किलोमीटर क्षेत्र को 60 से अधिक सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा बल तैनात हैं।
भोज में उमड़ी भीड़
नेमरा स्थित गुरुजी के पैतृक आवास पर हजारों श्रद्धालुओं के लिए अंतिम संस्कार भोज की भव्य व्यवस्था की गई है। ढाई बड़े पंडालों में करीब 8 हजार लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। एक पंडाल में लगभग 2500 लोगों के बैठने की क्षमता है।
आम श्रद्धालुओं के लिए भोजन की शुरुआत हो चुकी है। वहीं, सुरक्षा बलों और अधिकारियों के लिए अलग से भोजन की व्यवस्था पुलिस केंद्र से की गई है।
नेताओं का आगमन
राज्यपाल संतोष गंगवार श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नेमरा पहुंचे और अंतिम संस्कार भोज में शामिल हुए। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने गुरुजी को याद करते हुए कहा— “गुरुजी ने जो कहा, उसे पूरा करके दिखाया। बक्सर की सभा में उन्होंने कहा था कि लड़कर झारखंड लेंगे और उन्होंने यह कर दिखाया।”
मंत्री योगेंद्र प्रसाद, विधायक उमाकांत रजक, मंगल कालिंदी, मथुरा प्रसाद महतो भी गुरुजी के पैतृक आवास पहुंचे। सांसद पप्पू यादव और मंत्री सुदिव्य सोनू इलेक्ट्रिक ऑटो से गुरुजी के घर पहुंचे।
श्रद्धांजलि और शॉर्ट फिल्म
नेमरा में जगह-जगह शिबू सोरेन की जीवनी पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया जा रहा है। हजारों लोग गुरुजी को नमन करने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।












