Lifestyle Desk: आज 14 सितंबर को देशभर में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व एक साथ मनाया जा रहा है। एक ओर तीज के मौके पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर रही हैं, तो दूसरी ओर गणेश चतुर्थी पर घर-घर गणपति बप्पा की स्थापना की जा रही है। ऐसे में त्योहार का रंग पारंपरिक पकवानों के बिना अधूरा लगता है।
तीज पर बिहार-झारखंड समेत कई इलाकों में पिड़किया/गुजिया जैसे पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं। वहीं गणेश चतुर्थी पर मोदक भगवान गणेश को चढ़ाए जाने वाले प्रमुख भोग में शामिल है।
अगर आप भी आज घर पर ये दोनों पकवान बनाना चाहते हैं, तो यहां जानिए पिड़किया और मोदक की आसान और पूरी Recipe।
तीज पर बनाएं खस्ता पिड़किया
पिड़किया देखने में गुजिया जैसी होती है और इसके अंदर आमतौर पर मावा, नारियल, चीनी और मेवों की स्वादिष्ट भरावन भरी जाती है।
पिड़किया बनाने के लिए सामग्री
बाहरी परत के लिए:
मैदा – 2 कप
घी – 4 बड़े चम्मच
पानी – जरूरत के अनुसार
भरावन के लिए:
मावा – 250 ग्राम
नारियल का बुरादा – आधा कप
पिसी चीनी – ¾ कप
काजू – 2 बड़े चम्मच
बादाम – 2 बड़े चम्मच
किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच
घी – 1 छोटा चम्मच
ऐसे तैयार करें पिड़किया
1. सबसे पहले आटा गूंथें
एक बड़े बर्तन में मैदा लें। इसमें घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसे हाथ से दबाने पर अगर मैदा आसानी से बंधने लगे तो समझिए मोयन सही है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें। आटे को ढककर करीब 20 मिनट के लिए रख दें।
2. भरावन तैयार करें
कड़ाही में एक चम्मच घी डालकर मावा भूनें। इसे धीमी आंच पर हल्का भूनना है। इसके बाद इसमें नारियल, कटे हुए काजू-बादाम और किशमिश डालें। गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें।
मिश्रण ठंडा होने के बाद इसमें पिसी चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं।
3. पिड़किया तैयार करें
आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर पूरी की तरह बेलें। इसके बीच में भरावन रखें। किनारों पर थोड़ा पानी लगाकर इसे मोड़कर बंद कर दें।
आप चाहें तो हाथ से किनारों पर डिजाइन बनाकर इसे पारंपरिक पिड़किया का आकार दे सकते हैं।
4. धीमी आंच पर तलें
कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। पिड़किया को मध्यम से धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
खास टिप: पिड़किया को तेज आंच पर न तलें। इससे ऊपर की परत जल्दी लाल हो सकती है, जबकि अंदर की परत कच्ची रह सकती है।
गणेश चतुर्थी पर बनाएं स्वादिष्ट मोदक
गणेश चतुर्थी के भोग में मोदक का खास महत्व माना जाता है। पारंपरिक उकड़ीचे मोदक चावल के आटे की बाहरी परत और नारियल-गुड़ की भरावन से तैयार किए जाते हैं और इन्हें भाप में पकाया जाता है।
मोदक बनाने के लिए सामग्री
बाहरी परत के लिए:
चावल का आटा – 1 कप
पानी – करीब 1¼ कप
घी – 1 छोटा चम्मच
चुटकीभर नमक
भरावन के लिए:
ताजा कद्दूकस किया नारियल – 1 कप
गुड़ – ¾ कप
इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच
काजू-बादाम – 2 बड़े चम्मच
घी – 1 छोटा चम्मच
मोदक बनाने की पूरी विधि
1. नारियल-गुड़ की भरावन बनाएं
कड़ाही में थोड़ा घी डालें। इसमें कद्दूकस किया नारियल और गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब गुड़ पिघल जाए और मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो इसमें इलायची और कटे हुए मेवे डाल दें।
गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा होने दें।
2. चावल के आटे का आटा तैयार करें
एक पैन में पानी, घी और चुटकीभर नमक डालकर उबालें। पानी गर्म होने के बाद गैस धीमी करें और धीरे-धीरे चावल का आटा डालते जाएं।
लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें। इसे कुछ मिनट ढककर पकाएं।
हल्का ठंडा होने पर हाथों में थोड़ा घी लगाकर आटे को अच्छी तरह मसलें और मुलायम आटा तैयार कर लें।
3. मोदक का आकार दें
आटे की छोटी लोई लें। उंगलियों की मदद से इसे कटोरी जैसा आकार दें। इसमें नारियल और गुड़ की भरावन डालें।
अब किनारों को उंगलियों से मोड़ते हुए ऊपर की तरफ लाएं और मोदक का आकार दें। चाहें तो मोदक का सांचा भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. भाप में पकाएं
स्टीमर में पानी गर्म करें। मोदक को स्टीमर प्लेट पर रखें और करीब 10 से 15 मिनट तक भाप में पकाएं।
जब मोदक की बाहरी परत हल्की चमकदार और अच्छी तरह पक जाए तो इन्हें बाहर निकाल लें। ऊपर से थोड़ा घी लगाकर गणपति बप्पा को भोग लगा सकते हैं।
मोदक फटने से बचाने के लिए ध्यान रखें
चावल के आटे का आटा बहुत ज्यादा सूखा न रखें।
आटा गूंथते समय थोड़ा घी इस्तेमाल करें।
भरावन में बहुत ज्यादा नमी न हो।
मोदक बनाते समय बाहरी परत बहुत पतली न करें।
भाप में पकाते समय मोदक को जरूरत से ज्यादा देर तक न पकाएं।
तीज और गणेश चतुर्थी की थाली में क्या रखें?
अगर दोनों त्योहारों के लिए एक साथ स्पेशल थाली तैयार करनी है, तो तीज के लिए पिड़किया, खीर और फल रखे जा सकते हैं। वहीं गणेश चतुर्थी के भोग में मोदक, लड्डू, नारियल, गुड़, फल और पंचामृत शामिल किए जा सकते हैं। गणेश पूजा में मोदक, गुड़, नारियल और सात्त्विक भोग चढ़ाने की परंपरा कई जगहों पर है।
आज की स्पेशल फेस्टिवल थाली
तीज:
पिड़किया + खीर + फल
गणेश चतुर्थी:
मोदक + लड्डू + पंचामृत + फल
इस तरह बिना ज्यादा मेहनत के घर पर ही दोनों त्योहारों के लिए पारंपरिक, स्वादिष्ट और प्रसाद योग्य पकवान तैयार किए जा सकते हैं।
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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