Jharkhand news: झारखंड में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी शुरु हो गई है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि अब न्यूनतम बोली सिर्फ 10 प्रतिशत तक ही नीचे जा सकेगी।
“झारखंड में टेंडर नियमों में सुधार की जरूरत है”
वित्त मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में अनटाइड फंड से 75 लाख की योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन ठेकेदार ने 48 प्रतिशत न्यूनतम पर टेंडर डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को देखते हुए पूरे झारखंड में टेंडर नियमों में सुधार की जरूरत है।
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आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में वित्त मंत्री का ऐलान
दरअसल वित्त मंत्री बीते कल पलामू के लेस्लीगंज पहुंचे थे, जहां वे आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे,उस वक्त उन्होंने ये बातें कही। वित्त मंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव आने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा.
वित्त मंत्री के बयान का क्या संकेत है
वित्त मंत्री के बयान से साफ है कि राज्य सरकार टेंडर प्रणाली में पारदर्शिता और अनावश्यक कीमत गिरावट पर रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहती है। न्यूनतम बोली की सीमा तय होने से ठेके प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा तो रहेगी, लेकिन अत्यधिक कम बोली से होने वाली शिकायतें और गुणवत्ता संबंधी समस्याएं घट सकती हैं।












