Thalapathy Vijay CM oath: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के चीफ सी. जोसेफ विजय अब तमिलनाडु की राजनीति के नए ‘थलापति’ बन गए हैं। विजय ने राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी भी शामिल हुए। विजय के साथ उनकी पार्टी TVK के 9 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। खास बात यह है कि फिलहाल मंत्रिमंडल में किसी भी सहयोगी दल के विधायक को शामिल नहीं किया गया है।
29 साल की सेल्वी एस कीर्तना विजय कैबिनेट की सबसे युवा मंत्री बनी हैं, जबकि 61 वर्षीय एन आनंद सबसे उम्रदराज मंत्री हैं।
Thalapathy Vijay CM oath: शपथ के दौरान राज्यपाल ने टोका
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय एक दिलचस्प वाकया हुआ। विजय जब तमिल में शपथ ले रहे थे, तो वे निर्धारित टेक्स्ट के अलावा अपनी ओर से कुछ बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर ने उन्हें तुरंत टोक दिया। राज्यपाल ने उनसे स्पष्ट कहा कि वे केवल वही पढ़ें जो शपथ पत्र में लिखा गया है। इसके बाद विजय ने दोबारा विधिवत शपथ पूरी की।
शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची:
- एन आनंद (पार्टी महासचिव)
- आधव अर्जुन
- डॉ. केजी अरुणराज
- केए सेंगोट्टैयन
- पी वेंकटरमणन
- आर निर्मलकुमार
- राजमोहन
- डॉ. टीके प्रभु
- सेल्वी एस कीर्तना
29 साल की सेल्वी एस कीर्तना विजय कैबिनेट की सबसे युवा मंत्री बनी हैं, जबकि 61 वर्षीय एन आनंद सबसे उम्रदराज मंत्री हैं।
बहुमत का गणित और ऐतिहासिक जीत
विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटें जीतीं।
- कुल समर्थन: 121 विधायक (TVK + कांग्रेस + CPI + CPM + VCK + IUML)
- बहुमत का आंकड़ा: 118 सीटें
बहुमत का समीकरण: 5 पार्टियों का मिला समर्थन
विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। राज्य की 234 सीटों में से बहुमत के लिए 118 की जरूरत थी, जबकि विजय के गठबंधन के पास 121 विधायक हैं:
| पार्टी | सीटें |
| TVK | 108 |
| कांग्रेस | 05 |
| CPI | 02 |
| CPI (M) | 02 |
| VCK / IUML | 04 |
| कुल | 121 |
तमिलनाडु में 1967 के बाद यह पहला मौका है जब किसी गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री बना है। विजय की इस जीत ने राज्य की दशकों पुरानी द्रविड़ राजनीति (DMK/AIADMK) के ढांचे को चुनौती दी है। समारोह का समापन राष्ट्रगान और ‘तमिलगान’ के साथ हुआ, जबकि शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से की गई थी।








