Ranchi : दक्षिण अफ्रीका के महान क्रिकेटर और फील्डिंग के बादशाह जोंटी रोड्स रविवार रात पहली बार रांची पहुंचे। सोमवार को उन्होंने जिमखाना क्लब मैदान में आयोजित रांची चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मैदान पर पहुंचते ही रोड्स का जोश और मुस्कराहट देखकर दर्शकों में उत्साह दोगुना हो गया।
क्रिकेट मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा है-जोंटी रोड्स
कार्यक्रम के दौरान रोड्स ने युवा क्रिकेटरों से बातचीत करते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के बावजूद क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बरकरार है। उन्होंने कहा, “क्रिकेट मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। जब तक शरीर साथ देता है, मैं मैदान से दूर नहीं रह सकता। खेल के प्रति प्रेम और अनुशासन ही मुझे ऊर्जा देता है।”
भारत के प्रति अपने लगाव का ज़िक्र करते हुए रोड्स ने कहा, “भारत मेरे दिल के बेहद करीब है। मैं हर साल भारत आता हूं। यहां के लोगों का क्रिकेट के प्रति प्यार और समर्पण मुझे हमेशा प्रेरित करता है। रांची की हरियाली और शांत वातावरण ने मुझे अपने गृहनगर केपटाउन की याद दिला दी।”
उन्होंने कहा कि रांची की मिट्टी से महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी निकले हैं, जो पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं। रोड्स ने कहा, “धोनी की फिटनेस, संयम और नेतृत्व क्षमता अद्भुत है। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे किसी भी परिस्थिति में शांत रहते हैं। यही गुण उन्हें अलग बनाता है।”
रांची के बच्चों में क्रिकेट को लेकर जबरदस्त उत्साह है
युवा खिलाड़ियों के जोश और प्रतिभा की तारीफ करते हुए रोड्स ने कहा कि रांची के बच्चों में क्रिकेट को लेकर जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने युवाओं से कहा, “खेल को केवल जीतने का माध्यम न मानें, यह सीखने और खुद को अनुशासित करने का रास्ता है।”
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विवेक टिबरेवाल, अतुल अग्रवाल और यश किंजर की प्रमुख भूमिका रही। आयोजन समिति के संयोजक विवेक टिबरेवाल ने कहा, “जोंटी रोड्स जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का रांची आना हमारे लिए सम्मान की बात है। इससे यहां के युवा खिलाड़ियों को सीखने का अवसर मिलेगा।”
अतुल अग्रवाल ने कहा, “रांची हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रही है। हमारा प्रयास है कि स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच से जोड़ें और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका दें।”
हमारा मकसद रांची के क्रिकेट माहौल को और मजबूत करना है-यश किंजर
वहीं यश किंजर ने बताया कि इस टूर्नामेंट में शहर और आसपास के इलाकों की कई टीमें हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारा मकसद रांची के क्रिकेट माहौल को और मजबूत करना है ताकि आने वाले समय में यहां से कई नए धोनी और सौरभ उभरें।”
टूर्नामेंट के मुख्य स्पॉन्सर पूर्णन्दू तुलस्यान ने कहा कि खेल ही युवाओं को सकारात्मक दिशा देता है। “हम हर उस पहल के साथ हैं जो खेल और युवाओं के विकास से जुड़ी हो। रांची में खेलों का माहौल तेजी से बदल रहा है और हम इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में जोंटी रोड्स को आयोजकों की ओर से स्मृति चिन्ह और पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट किया गया। दर्शकों और खिलाड़ियों के बीच रोड्स ने कुछ समय तक फील्डिंग टिप्स भी साझा किए। पूरा मैदान “जोंटी-जोंटी” के नारों से गूंज उठा।
रांची की शाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चमक से रोशन हो उठी — और फील्डिंग के बादशाह रोड्स ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जुनून है।













