Bihar: जिले में एचआईवी पॉजिटिव मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के डाटा और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक सीतामढ़ी में लगभग 7,000 से अधिक HIV संक्रमित मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें 400 से अधिक बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हर महीने 40 से 60 नए मरीज सामने आने से विभाग में चिंता की स्थिति है।
माइग्रेशन बना बड़ी वजह
सदर अस्पताल के एआरटी सेंटर से जुड़े मेडिकल अफसर डॉ. हसीन अख्तर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि जिले में HIV संक्रमण का बड़ा कारण लगातार बढ़ रहा माइग्रेशन है। बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई और अन्य राज्यों में काम करते हैं और वहीं से संक्रमित होकर लौटते हैं।
5,000 से अधिक मरीजों को नियमित दवा
डॉ. अख्तर के अनुसार, वर्तमान में सीतामढ़ी एआरटी सेंटर पर करीब 5,000 मरीज नियमित रूप से दवा ले रहे हैं, जबकि कई मरीज राज्य से बाहर उपचार करा रहे हैं।
संक्रमित बच्चों का आंकड़ा बढ़ा
रिपोर्ट्स के अनुसार, 428 बच्चे HIV संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में संक्रमण माता-पिता से हुआ माना जा रहा है।
आंकड़ों को लेकर चल रही है चर्चा
सोशल मीडिया पर यह दावा भी सामने आ रहा है कि सीतामढ़ी में कुल HIV मरीजों की संख्या 6707 है, जो 1 दिसंबर 2012 से 1 दिसंबर 2025 तक के 13 सालों का संयुक्त आंकड़ा है।
अलग-अलग स्रोतों के अलग-अलग दावों के कारण वास्तविक संख्या को लेकर संशय भी बना हुआ है।
प्रशासन ने तेज किया जागरूकता अभियान
एचआईवी मामलों में लगातार बढ़ोतरी के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने एआरटी सेंटर की मदद से गांव-गांव जागरूकता अभियान तेज करने का निर्णय लिया है। इसके तहत—
- अधिक लोगों तक HIV टेस्टिंग पहुंचाने की तैयारी
- स्कूली स्तर पर जागरूकता
- माइग्रेंट परिवारों के लिए विशेष कैंप
- उपचार ले रहे मरीजों की निरंतर काउंसलिंग
की पहल की जा रही है।













