Jharkhand: अरका जैन विश्वविद्यालय, झारखंड के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और कहा कि दीक्षांत केवल शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों की नई शुरुआत है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को देश की असली पूंजी बताते हुए आह्वान किया कि वे अपने अर्जित ज्ञान, मूल्यों और संवेदनशीलता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें। उन्होंने उच्च शिक्षा में सुधार को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि झारखंड की विश्वविद्यालय प्रणाली को गुणवत्ता की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। अरका जैन विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड प्राप्त होना इसी दिशा में एक सराहनीय उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि झारखंड उच्च शिक्षा में अग्रणी राज्य बने, यह उनकी प्राथमिकता है। सुझाव देने के लिए सभी को आमंत्रित करते हुए उन्होंने भागीदारी और संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र को उद्धृत करते हुए विद्यार्थियों से “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को साकार करने में सहभागी बनने का आग्रह किया। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी राष्ट्रीय पहलों को युवाओं के लिए नवाचार और उद्यमिता के प्लेटफ़ॉर्म बताया।
राज्यपाल ने भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि “भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है।” उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना की वीरता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन जब मानवता पर संकट आता है, तो यह देश जवाब देना जानता है।
जमशेदपुर की औद्योगिक पहचान और टाटा समूह के योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का संतुलन ही सच्ची प्रगति का मार्ग है। विश्वविद्यालय में छात्राओं की 35-40% भागीदारी को उन्होंने सामाजिक समरसता और जागरूकता का सकारात्मक संकेत बताया।
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राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि विद्यार्थियों को केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, कौशल विकास और नैतिक मूल्यों से भी सशक्त करें। उन्होंने झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए राज्य को एक आदर्श सामाजिक-आर्थिक मॉडल के रूप में उभरने का आह्वान किया।
समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने आशा जताई कि वे विश्वविद्यालय, राज्य और देश का नाम गौरवान्वित करेंगे।
इस अवसर पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा सदस्य चम्पाई सोरेन, कुलपति प्रो. ईश्वरन अय्यर, शासी निकाय के सदस्य, शिक्षकगण, अभिभावक एवं अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
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