Vastu Rules for Home: क्या आपके घर के मुख्य दरवाजे के पास बिखरे रहते हैं जूते-चप्पल? अगर हां, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार इसकी जगह और दिशा पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि घर में जूते-चप्पल रखने की गलत दिशा से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और घर के माहौल पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में जानिए जूते-चप्पल रखने की सही दिशा, मुख्य दरवाजे के पास शू रैक रखने के नियम और किन दिशाओं में इसे रखने से बचना चाहिए।
जूते-चप्पल रखने के लिए कौन सी दिशा शुभ मानी जाती है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण को जूते-चप्पल रखने के लिए उपयुक्त माना जाता है। घर में शू रैक रखने के लिए इस दिशा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा पश्चिम दिशा में भी जूते-चप्पल रखने को वास्तु की दृष्टि से बेहतर माना जाता है।
वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, जूते-चप्पल जैसी चीजों के लिए घर में एक निश्चित स्थान तय करना चाहिए। इन्हें इधर-उधर बिखरा रखने के बजाय व्यवस्थित तरीके से रखना घर की साफ-सफाई और सकारात्मक माहौल के लिए बेहतर माना जाता है।
मुख्य दरवाजे के सामने शू रैक रखना चाहिए या नहीं?
कई घरों में जगह की कमी के कारण लोग मुख्य दरवाजे के ठीक सामने जूते-चप्पल या शू रैक रख देते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से बचना चाहिए।
अगर मुख्य दरवाजे के पास शू रैक रखना जरूरी है तो उसे दरवाजे के बिल्कुल सामने रखने के बजाय दाएं या बाएं तरफ रखने की सलाह दी जाती है। इससे आने-जाने में भी परेशानी नहीं होती और प्रवेश द्वार साफ-सुथरा दिखाई देता है।
Vastu Rules: ईशान कोण में जूते-चप्पल रखने से बचें
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस स्थान को पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिए शुभ माना जाता है। इसलिए यहां जूते-चप्पल या शू रैक रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
मान्यता के अनुसार, ईशान कोण को जितना साफ और व्यवस्थित रखा जाए, घर के लिए उतना ही बेहतर माना जाता है।
इन दिशाओं में भी शू रैक रखने से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूर्व, दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा में भी जूते-चप्पल रखने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर घर के पूजा स्थल, बेडरूम या ऐसे स्थान जहां नियमित रूप से पूजा-पाठ किया जाता है, वहां जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए।
बेडरूम में जूते-चप्पल रखना सही है?
जूते-चप्पल को बेडरूम के अंदर रखने से बचना बेहतर माना जाता है। व्यावहारिक तौर पर भी जूते-चप्पल बाहर से धूल-मिट्टी लेकर आते हैं, इसलिए इन्हें सोने की जगह से दूर रखना ज्यादा स्वच्छ और सुविधाजनक होता है।
अगर घर में जगह कम है तो बेडरूम के बजाय प्रवेश द्वार के आसपास कोई व्यवस्थित स्थान या अलग शू कैबिनेट बनाया जा सकता है।
खुले में जूते-चप्पल बिखेरकर न रखें
वास्तु मान्यताओं के अलावा घर की साफ-सफाई के लिहाज से भी जूते-चप्पल को बिखरा हुआ रखने के बजाय बंद शू रैक में रखना बेहतर है। इससे घर का प्रवेश द्वार साफ दिखाई देता है और जूते-चप्पल पर धूल भी कम जमती है।
शू रैक को नियमित रूप से साफ करना चाहिए और लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने वाले या खराब हो चुके जूते-चप्पलों को घर में जमा करके नहीं रखना चाहिए।
अगर घर के बाहर शू रैक रखना हो तो?
अगर घर के अंदर शू रैक के लिए पर्याप्त जगह नहीं है तो इसे बाहर भी रखा जा सकता है। हालांकि, वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य दरवाजे के ठीक सामने शू रैक रखने से बचने की सलाह दी जाती है। कोशिश करें कि वह प्रवेश द्वार से थोड़ा हटकर और व्यवस्थित जगह पर हो।
जूते-चप्पल रखने के वास्तु नियम एक नजर में
- दक्षिण-पश्चिम दिशा: शू रैक के लिए बेहतर मानी जाती है।
- पश्चिम दिशा: जूते-चप्पल रखने के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
- उत्तर-पूर्व/ईशान कोण: यहां शू रैक रखने से बचें।
- मुख्य दरवाजे के ठीक सामने: शू रैक न रखें।
- पूर्व और दक्षिण-पूर्व: इन दिशाओं में शू रैक रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
- बेडरूम: जूते-चप्पल रखने से बचना बेहतर माना जाता है।
- व्यवस्था: जूते-चप्पल खुले में बिखेरने के बजाय व्यवस्थित शू रैक में रखें।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। वास्तु से जुड़े नियमों को धार्मिक/पारंपरिक मान्यता के रूप में ही लें।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।












