Desk : बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो को शांति का नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्होंने वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण बदलाव लाने के लिए 20 साल लगातार संघर्ष किया है। ऐसे कठिन समय में भी मारिया मचाडो जैसे लोगों की आवाज जनता के बीच हिम्मत और उम्मीद जगाती है।
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति का भाषण बंद करा दिया
बताते चलें कि मचाडो वो महिला है जिसने 20 सालों तक तानाशाही के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने सुमाते नामक संगठन की स्थापना की थी। उनका संगठन लोकतंत्र की बेहतरी के लिए काम करता था। इसके साथ ही देश में निष्पक्ष और फ्री चुनाव कराने पर जोर देती है।
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हालांकि मचाडो तब दुनिया की नजरो में आ गई जब उन्होने वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति का ही भाषण बंद करा दिया था। घटना 2012 की है। उन्होंने सबके सामने राष्ट्रपति को चोर कह दिया था और भाषण बंद करा दिया।

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