Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित शराब और जमीन घोटाले में निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे से जुड़े मामलों में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जांच तेज कर दी है। ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को शनिवार से एक सप्ताह की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
वहीं, रांची के कारोबारी श्रवण जालान और उनके करीबी रिश्तेदार दुमका निवासी नवीन पटवारी को 29 दिसंबर को ACB के रांची मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए समन जारी किया गया है।
ACB के अनुसार, ये तीनों कारोबारी निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे के करीबी सहयोगी हैं और उन पर चौबे के काले धन को निवेश करने का गंभीर आरोप है।
काले धन के निवेश की जांच
ACB की जांच में सामने आया है कि श्रवण जालान ने चौबे के काले धन को टिंबर और जमीन के कारोबार में लगाया, जबकि नवीन पटवारी दुमका में टायर समेत अन्य व्यवसाय से जुड़े हैं। इन सभी से शराब घोटाला, जमीन घोटाला और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पूछताछ की जाएगी।
शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
निलंबित IAS विनय कुमार चौबे पर शेल कंपनियों के माध्यम से काले धन को सफेद करने का आरोप है। ACB को संदेह है कि इन कंपनियों के संचालन में भी विनय सिंह, श्रवण जालान और नवीन पटवारी की भूमिका रही है।
ACB अब यह पता लगाएगी कि इन कंपनियों के जरिए कितनी राशि सफेद की गई और कहां-कहां निवेश हुआ।
छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज
ACB ने 8 और 9 दिसंबर को श्रवण जालान और नवीन पटवारी के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत बरामद हुए। इन्हीं के आधार पर अब गहन पूछताछ की जाएगी।
24 नवंबर को दर्ज हुई FIR
आय से अधिक संपत्ति के मामले में ACB ने 24 नवंबर को रांची ACB थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें विनय कुमार चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सरहज प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को नामजद किया गया है।
विनय कुमार चौबे और विनय सिंह पहले से ही अन्य मामलों में गिरफ्तार हैं। विनय सिंह फिलहाल हजारीबाग केंद्रीय कारा, जबकि चौबे रांची जेल में बंद हैं।
ACB की जांच तेज
ACB अब तक चौबे की पत्नी, साले और उनकी पत्नी से पूछताछ कर चुकी है। अन्य आरोपितों से पूछताछ के बाद इस मामले में जांच की कड़ी और आगे बढ़ेगी।












