मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। America और Iran के बीच संभावित विनाशकारी युद्ध को टालने का श्रेय अब पाकिस्तान को दिया जा रहा है। खुद Donald Trump और Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस बात के संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान ने इस सीजफायर में अहम भूमिका निभाई।
पाकिस्तान बना ‘पीस मेकर’, कैसे बना भरोसेमंद?
हालिया घटनाक्रम में Shehbaz Sharif और पाक सेना प्रमुख Asim Munir का नाम प्रमुखता से सामने आया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में आई गर्माहट ने इस कूटनीतिक पहल को संभव बनाया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुलासा किया कि पाकिस्तान नेतृत्व के अनुरोध पर उन्होंने Iran पर संभावित हमले को दो हफ्तों के लिए टाल दिया। इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित बनाए रखने पर भी सहमति बनी।
ईरान ने भी माना पाकिस्तान का योगदान
Iran के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के नेतृत्व को “प्रिय भाई” बताते हुए खुलकर धन्यवाद दिया। इससे साफ है कि इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान को दोनों पक्षों का भरोसा मिला।
इजरायल फैक्टर और क्षेत्रीय समीकरण
मिडिल ईस्ट की राजनीति में Benjamin Netanyahu भी एक अहम खिलाड़ी हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान और इजरायल के बीच औपचारिक संबंध नहीं होने के बावजूद, अप्रत्यक्ष संवाद और रणनीतिक संतुलन ने इस समझौते को आकार देने में भूमिका निभाई।
सीजफायर की बड़ी शर्तें क्या हैं?
इस संभावित समझौते में कई अहम शर्तें शामिल हैं:
- एक-दूसरे पर हमला न करने की प्रतिबद्धता
- Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण
- ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति
- America द्वारा प्रतिबंध हटाने की संभावना
- क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी
- लेबनान समेत अन्य मोर्चों पर संघर्ष विराम
चीन की ‘बैकडोर’ भूमिका?
सूत्रों के मुताबिक China भी इस पूरे घटनाक्रम में सक्रिय रहा। चीन ने ईरान को युद्धविराम के लिए राजी करने में पर्दे के पीछे अहम कूटनीतिक प्रयास किए। वह पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के साथ मिलकर मध्यस्थता कर रहा था।
क्या बदल रहा है वैश्विक समीकरण?
इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में एक बड़ा संकेत दिया है—अब सिर्फ महाशक्तियां ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय देश भी शांति स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। पाकिस्तान की इस भूमिका ने उसे एक नए कूटनीतिक खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है।













