Jharkhand News— महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा आज मौसीबाड़ी से नौ दिन की यात्रा के बाद श्रीमंदिर लौटेंगे. इस वापसी यात्रा को ‘घुरती रथयात्रा’ कहा जाता है, जो भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का समापन पर्व है. 27 जून को भगवान अपने रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए निकले थे, जहां उन्होंने नौ दिनों तक विश्राम किया.
भक्तों में उत्साह, रथ खींचने उमड़ी भीड़
आज भगवान के रथ को खींचने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है. सुबह 5 बजे से मौसीबाड़ी में पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी. दोपहर 2:50 बजे भगवान के दर्शन बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद विग्रहों को रथ की ओर ले जाया जाएगा. शाम 4 बजे रथ मुख्य मंदिर के लिए प्रस्थान करेगा.
महिलाओं के लिए विशेष दर्शन
शाम 5 बजे से 6 बजे तक महिलाओं को रथ पर भगवान जगन्नाथ के विशेष दर्शन का अवसर मिलेगा. इसके बाद सभी विग्रहों को श्रीमंदिर में प्रवेश कराया जाएगा और शाम 6 बजे तक उनकी प्रतिष्ठा पूरी कर ली जाएगी.
महाआरती के बाद विशेष भोग
शाम 7 बजे तक मंदिर में सभी विग्रहों की प्रतिष्ठा पूरी हो जाएगी. इसके बाद महाप्रभु की महाआरती की जाएगी और उन्हें विशेष भोग अर्पित किया जाएगा. अंत में मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे.
प्रशासन की तैयारी पूरी
रांची जिला प्रशासन ने घुरती रथयात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं. मेले में भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है. घुरती रथयात्रा के साथ ही मेले का समापन भी हो जाएगा.













