Jharkhand News: सऊदी अरब में गोली लगने से मृत झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड निवासी विजय कुमार महतो का शव लगभग चार महीने बाद झारखंड लाया गया। अक्टूबर 2025 में गोली लगने के बाद उनकी मौत हो गई थी।
Jharkhand News: 15 अक्टूबर को मुठभेड़ में हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार सऊदी अरब की पुलिस और स्थानीय गिरोह के बीच 15 अक्टूबर को मुठभेड़ हुई थी और इसी में क्रॉसफायरिंग में विजय महतो की गोली लगने से मौत हो गई थी। जिसके बाद परिवार वालों को 24 अक्टूबर को मामले की जानकारी दी गई थी। जानकारी मिलते ही परिजनों के द्वारा पूरी कोशिश की गई कि विजय के पार्टिव शव को झारखंड लाया जाए, लंबे प्रयास के बाद 15 फरवरी यानी कल रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट लाया गया।
लेकिन शव को झारखंड लाने के बाद परिजनों के द्वारा शव लेने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि जब तक कंपनी की ओर से उचित और स्पष्ट मुआवजे का आश्वासन नहीं दिया जाता, वे शव स्वीकार नहीं करेंगे। परिजनों के इंकार के बाद शव को रांची स्थित मोर्चरी में रखा गया है।
Jharkhand News: अंतिम मुआवजा कोर्ट के फैसले पर निर्भर
वहीं इस मामले में जब झारखंड राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष (स्टेट माइग्रेंट कंट्रोल रूम) की टीम प्रमुख शिखा लकड़ा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला सऊदी अरब की अदालत में विचाराधीन है। अंतिम मुआवजा कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा, जिसके बाद ही तय हो सकेगा कि परिवार को कितनी राशि मिलेगी। फिलहाल स्थानीय प्रशासन परिवार के संपर्क में है।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करने के बाद 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। जो झारखंड सरकार के प्रवासी मजदूर से संबंधित नियम के अनुसार दीया जाएगा।
वही यह बात सामने आ रही है कि मृतक के परिजन गिरिडीह में प्रदर्शन कर रहे है। जहां राज्य प्रवासी नियंत्रण के अधिकारी उनसे बात चीत कर रहे है, परिजनों को समझने की कोशिश की जा रही है। लेकिन अब देखना होगा कि मृतक के परिजन शव को कब तक स्वीकार करते हैं।

4 years of experience in journalism. Previously, I worked with organizations such as Swadesh Today, News 11 Bharat, and News 22 Scope. For the past year, I have been working as a content writer at Khabar Mantra.









