Ranchi News: झारखंड के चर्चित बालू-जमीन घोटाले और रंगदारी से अर्जित अवैध संपत्ति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनके परिवार से जुड़ी 12.24 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई है.
ईडी की जांच में सामने आया है कि योगेंद्र साव, उनकी पत्नी व पूर्व विधायक निर्मला देवी, पुत्री व बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, बेटे अंकित राज और अन्य परिजनों के नाम पर कुल 16 कंपनियां संचालित की जा रही थीं. इन कंपनियों और उनके बैंक खातों में अवैध रूप से अर्जित करोड़ों रुपये निवेश किए गए थे.
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इन खातों में मिली भारी रकम
ईडी द्वारा एडजुकेडिंग अथॉरिटी में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार:
- निर्मला देवी (पत्नी): ₹1.76 करोड़
- योगेंद्र साव: ₹34.69 लाख
- बेटी अनुप्रिया: ₹34.26 लाख
- बेटा अंकित राज और उसकी कंपनी मां अष्टभुजी सिरामिक्स: ₹8.39 करोड़
- अंबा प्रसाद (पूर्व विधायक): ₹28.43 करोड़
कुल मिलाकर, आरोपितों से जुड़े बैंक खातों में 12.24 करोड़ रुपये से अधिक की नकद राशि जमा पाई गई है, जिसकी वैधता स्पष्ट नहीं हो पाई. ईडी ने सभी खातों की जानकारी के साथ संपत्तियों की जब्ती की मांग करते हुए एडजुकेडिंग अथॉरिटी में याचिका दाखिल की थी.
जब्त की गई संपत्तियां, सभी खाते फ्रीज
सुनवाई के दौरान आरोपितों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए. इसके बाद अथॉरिटी ने सभी बैंक खातों और संपत्तियों को ईडी की कस्टडी में ही रखने का आदेश दिया है. अब सभी राशि फ्रीज कर दी गई है और आरोपितों को केवल सक्षम न्यायालय में जाकर दावेदारी पेश करने का विकल्प बचा है.
अंबा प्रसाद की सफाई
सुनवाई के दौरान अंबा प्रसाद ने अपने पक्ष में कहा कि उनके बैंक खाते उनके दादा द्वारा खुलवाए गए थे. उन्होंने दावा किया कि उनके दादा बड़े किसान थे और 70 एकड़ जमीन से हुई आय से 24 लाख रुपये खाते में जमा किए गए थे.
ईडी ने इस पूरे मामले को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत विस्तृत जांच शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में और भी जब्ती की कार्रवाई हो सकती है.












