रांची: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना रांची जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को अंडा उत्पादन, बतख पालन और बकरी पालन के लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और वे अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। एक आकड़े के अनुसार जुलाई माह के अंत तक इस योजना के तहत अब तक 7,023 लाभार्थियों को 1,29,474 चूजे, 2,531 महिलाओं को 40,015 बतख और 2,252 महिलाओं को 5,637 बकरियों का वितरण किया गया है। इस वितरण से लाभार्थियों की आय में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।
स्वावलंबन की दिशा में जिला प्रशासन की पहल
रांची जिले के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित एक समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला पशुपालन अधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, जीएम डीआईसी, डीपीएम जेएसएलपीएस समेत अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। उपायुक्त ने बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए संबंधित विभाग सक्रिय रूप से काम करें। उन्होंने भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से और पूरी ईमानदारी से पूरा करने की आवश्यकता जताई, ताकि योजना का लाभ सही महिलाओं तक पहुंचे। इसके अलावा, भजन्त्री ने यह भी कहा कि प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और विपणन सुविधा देने के लिए एक ठोस कार्य योजना तैयार कर रहा है, जिससे वे अपनी आजीविका को और अधिक सशक्त बना सकें।
महिलाओं की स्थिति में लाया जाएगा और सुधार
मंईयां सम्मान योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना नहीं, बल्कि उन्हें एक स्थिर और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पूरी सहायता प्रदान करना है। जिले में इस योजना के कार्यान्वयन से स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है, जो आने वाले समय में महिलाओं की स्थिति में और सुधार लाएगा।













