Jharkhand News: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गिरिडीह जिले में गोलगप्पा खाने के बाद 18 बच्चों के बीमार पड़ने तथा एक 6 वर्षीय मासूम बच्चे की दुखद मृत्यु की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद, मन को झकझोर देने वाली और अस्वीकार्य है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने जानकारी दी कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल जब्त कर जांच हेतु कोलकाता लैब भेजे गए हैं, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके। संबंधित गोलगप्पा विक्रेता को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर अब सीधा और कड़ा प्रहार होगा। उन्होंने राज्यभर में सभी होटल, रेस्टोरेंट, बार, ढाबा, स्ट्रीट फूड दुकानों, मिठाई दुकानों, पानी सप्लायरों तथा दवा दुकानों की विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा,
*“गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। जनता की जिंदगी सर्वोपरि है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी, एक्सपायरी सामान, अस्वच्छता या किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।”*
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग तथा पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रभावित बच्चों का इलाज लगातार निगरानी में कराया जा रहा है तथा शेष 17 बच्चे अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
मंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त मानक लागू किए जाएं।
स्वास्थ्य मंत्री ने आम जनता से अपील की है कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ खरीदते समय स्वच्छता, गुणवत्ता और लाइसेंस का अवश्य ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।











