रांची: झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश कुमार महतो ने राज्य सरकार पर ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर निशाना साधा है। झारखंड हाई कोर्ट द्वारा नगर निकाय चुनाव नहीं कराने पर सख्त टिप्पणी के बाद महतो ने झामुमो और कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने से बचने के लिए बहाने बनाती रही है और चुनावों में देरी करने का रास्ता अपनाया है।
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सरकार का कदम लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन
महतो ने कहा कि सरकार का यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है और झामुमो-कांग्रेस को ओबीसी वर्ग की उपेक्षा करनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार सचमुच गंभीर होती, तो बहुत पहले ही ट्रिपल टेस्ट करवा कर नगर निकाय चुनाव कराए जा सकते थे। यह तब हुआ जब आजसू पार्टी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और सरकार को मजबूर किया। आगे, महतो ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर ओबीसी आयोग के अध्यक्ष पद को खाली रखे हुए है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पद भी पिछले चार महीने से खाली पड़ा हुआ है, जिससे चुनावों में जानबूझकर देरी की जा रही है। महतो ने राज्य सरकार से कानून का शासन बनाए रखने और संविधान का सम्मान करने की मांग की। उनका कहना था कि नगर निकायों में जनप्रतिनिधियों का अभाव होने के कारण स्वच्छता, बुनियादी ढांचे और शहरी विकास जैसे मुद्दों पर जनता की उपेक्षा हो रही है।













