Ranchi: रांची के मोरहाबादी स्थित तेतरटोली शिव मंदिर में गुरुवार को श्रावण मास की अमावस्या के अवसर पर रूद्राभिषेक, भव्य श्रृंगार और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में भोलेनाथ के भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। दिन भर पूजा-पाठ का सिलसिला चला और शाम को विशेष आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
पंचगव्य स्नान से शुरू हुआ रूद्राभिषेक
दिन की शुरुआत भगवान शिव को पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर) से स्नान कराने से हुई। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, मदार, समी पत्र आदि अर्पित कर रूद्राभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित मुकेश मिश्र ने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक दिन विशेष पूजा होती है और प्रतिदिन बाबा का श्रृंगार किया जाता है।
एक दशक से चल रही परंपरा
पुजारी मिश्र ने जानकारी दी कि तेतरटोली शिव मंदिर में पिछले दस वर्षों से श्रावण मास में प्रतिदिन विशेष श्रृंगार और रूद्राभिषेक की परंपरा चल रही है। शिवलिंग का श्रृंगार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है और हर वर्ष भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है।
शिव पुराण का उल्लेख
पंडित मुकेश मिश्र ने बताया कि शिव पुराण में बिल्व पत्र का अत्यधिक महत्व बताया गया है –
“त्रिदलम त्रिगुणाकारम त्रिनेत्रम त्रयायुधम, त्रिजन्म पाप संहारम, एक बिल्व शिवापर्णम।”
यह श्लोक बताता है कि तीन पत्तियों वाला बेल पत्र तीन जन्मों के पापों को समाप्त करता है। श्रावण मास में शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।













