OTT News: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील, अभद्र और कुछ मामलों में पोर्नोग्राफिक कंटेंट प्रसारित करने के आरोप में कम से कम 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइटों और ऐप्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। यह कदम आईटी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत उठाया गया है।
यह निर्णय गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय, विधि विभाग, और फिक्की एवं सीआईआई जैसे निकायों से परामर्श के बाद लिया गया।
किन प्लेटफॉर्म्स पर लगा बैन?
ब्लॉक किए गए प्रमुख ओटीटी ऐप्स और वेबसाइट्स में शामिल हैं:
- उल्लू
- एएलटीटी
- बिग शॉट्स ऐप
- देसीफ्लिक्स
- बूमेक्स
- नवरसा लाइट
- शोहिट
- हॉटएक्स वीआईपी
- फेनेओ
- ट्राइफ्लिक्स
- मूडएक्स
- मोजफ्लिक्स
(कुल 26 वेबसाइट और 14 ऐप्स – जिनमें 9 गूगल प्ले स्टोर और 5 एप्पल ऐप स्टोर पर)
क्या था प्रतिबंध का कारण?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स की सामग्री में नग्नता, यौन इशारे, और यौन संबंधों के अनुचित चित्रण शामिल थे। कुछ वेब सीरीज़ में पारिवारिक रिश्तों को अश्लील रूप में प्रस्तुत किया गया था। रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस कंटेंट में कोई सामाजिक संदेश या कहानी नहीं थी, बल्कि यह केवल अश्लीलता फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
एनसीपीसीआर और आम जनता से मिली थीं शिकायतें
इस संबंध में सरकार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) से कई शिकायतें मिली थीं, खासतौर पर उल्लू और एएलटीटी के खिलाफ।
इसके अलावा संस्कृति बचाओ भारत बचाओ फाउंडेशन ने भी कार्रवाई की मांग की थी, जिसमें नेटफ्लिक्स जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को भी शामिल करने की बात कही गई थी।
सावधानियों के बाद भी जारी रहा उल्लंघन
सितंबर 2024 में सरकार ने सभी 25 प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी जारी की थी।
मार्च 2024 में पाँच प्लेटफ़ॉर्म पहले ही ब्लॉक किए गए थे, लेकिन उन्होंने नए डोमेन बनाकर सामग्री प्रसारित करना जारी रखा।
डिजिटल प्रकाशक शिकायत परिषद (DPCGC) की सिफारिशें
DPCGC ने भी अपनी रिपोर्ट में ALTBalaji और Ullu जैसे प्लेटफॉर्म्स को नियमों का उल्लंघन करने वाला बताया।
उनकी रिपोर्ट के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लीलता को दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए जानबूझकर दिखाया जा रहा था।
सरकार की अंतिम चेतावनी और निष्कर्ष
मंत्रालय द्वारा 19 फरवरी 2025 को जारी सलाह के बावजूद जब प्लेटफ़ॉर्म्स ने कोई कार्रवाई नहीं की, तब जाकर 25 जुलाई 2025 को यह अंतिम कदम उठाया गया।
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन अश्लीलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और डिजिटल माध्यमों को जिम्मेदारी के साथ कंटेंट प्रकाशित करना होगा।













