Jamshedpur News: भारी बारिश और चांडिल, डिमना व ओडिशा से छोड़े गए पानी के कारण सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. इससे जमशेदपुर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और करीब 6,000 से अधिक घर डूब चुके हैं.
जिला प्रशासन, NDRF की टीम और कई सामाजिक संस्थाएं राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा और बाढ़ की स्थिति अभी और बनी रह सकती है.
जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर, दोनों नदियां खतरे के पार
- खरकई नदी: आदित्यपुर पुल के पास जलस्तर 135.4 मीटर, जबकि खतरे का निशान 129 मीटर — यानी 6.4 मीटर ऊपर.
- सुवर्णरेखा नदी: मानगो पुल के पास जलस्तर 124.22 मीटर, जबकि खतरे का निशान 121.5 मीटर — यानी 2.72 मीटर ऊपर.
- गजिया बराज: जलस्तर 139.3 मीटर, जबकि स्टिल लेवल 130 मीटर है.
चांडिल, डिमना और गालूडीह डैम के फाटक खोले गए
लगातार बारिश के कारण:
- चांडिल डैम के 8 गेट खोले गए. इससे 762.39 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है. अब तक कुल 775.88 क्यूमेक्स पानी बह चुका है.
- डिमना डैम का भी एक फाटक खोला गया है, और जलस्तर बढ़ने पर और गेट खोले जा सकते हैं.
- गालूडीह बराज के सभी 13 स्पिल गेट खोल दिए गए हैं, जिससे 8218.76 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया.
पर्वतीय जलधाराओं और रात भर हुई बारिश ने हालात बिगाड़े
सारंडा, दलमा और अन्य पहाड़ों से तेजी से पानी नदी में आने और रात 10 बजे से सुबह 10 बजे तक 69.6 मिमी बारिश होने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई. हालांकि दिन में बारिश थम गई और केवल 0.4 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने दो दिन राहत की संभावना जताई है.
जमशेदपुर के ये इलाके बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित
डूबे हुए क्षेत्र:
- कदमा: ग्रीन पार्क, गणेश वाटिका, आस्था विजय फ्लैट, शास्त्रीनगर ब्लॉक 1, 3, 6
- बागबेड़ा: नया बस्ती, बाबाकुटी, शिवनगर, रेलवे सोसाइटी, सिदू-कान्हू बस्ती
- जुगसलाई: गरीब नवाज कॉलोनी, इस्लामनगर, हबीबनगर, शिव घाट
- सोनारी: आदर्शनगर सोसाइटी
- मानगो: ओल्ड पुरुलिया रोड, कुंवर बस्ती, रामनगर, शांति नगर, करीम सिटी कॉलेज एरिया
- बिष्टुपुर: होटल अलकोर के पास सड़क पूरी तरह जलमग्न
610 से अधिक घरों में पानी घुस गया है और कई सड़कों पर आवागमन ठप हो गया है.
राहत एवं बचाव कार्य: प्रशासन और NDRF मैदान में
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए NDRF की टीमें सक्रिय हैं. कई जगहों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया. टाटा स्टील के गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है. डीसी कर्ण सत्यार्थी खुद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं.












