Jharkhand News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जुलाई संस्करण में झारखंड के गुमला ज़िले का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने इसे आशा और बदलाव की मिसाल बताया, जहाँ कभी माओवाद का खौफ था, आज वहां शांति और आत्मनिर्भरता की कहानी लिखी जा रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी-कभी सबसे बड़ा उजाला वहीं से फूटता है, जहाँ अंधेरे ने सबसे ज्यादा डेरा जमाया हो.
उन्होंने बताया कि गुमला जिले के बासिया ब्लॉक में एक समय माओवादी हिंसा चरम पर थी. गांव वीरान हो रहे थे, लोग पलायन कर रहे थे, रोजगार की कोई संभावना नहीं थी. लेकिन अब वहां शांति का माहौल लौट रहा है और इसका श्रेय जाता है कुछ साहसी युवाओं को, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की ओर कदम बढ़ाया.
ओमप्रकाश साहू ने बदली तस्वीर
पीएम मोदी ने ओमप्रकाश साहू नाम के युवक का ज़िक्र करते हुए बताया कि उन्होंने बंदूक छोड़कर मछली पालन शुरू किया और फिर अपने जैसे कई अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया. अब जिनके हाथों में कभी बंदूकें थीं, वे मछली पकड़ने का जाल थामे आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने इसे देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण बताया और कहा कि यह दिखाता है कि अगर दिशा सही हो और इरादा मजबूत, तो बदलाव निश्चित है.












