Jharkhand: झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी जमानत याचिका शीर्ष अदालत में दायर की है। यह याचिका उस समय दाखिल की गई है जब झारखंड हाईकोर्ट ने 11 जुलाई को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने जमानत देने से इनकार किया था।
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पूर्व मंत्री आलमगीर आलम पर टेंडर घोटाले के जरिए करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 15 मई 2022 को गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी की कार्रवाई के अनुसार, आलम के निजी सचिव संजीव कुमार लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम के पास से 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसी बरामदगी के बाद जांच एजेंसी ने आलमगीर आलम को भी गिरफ्तार किया था।
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अब, हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद आलम ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर कब सुनवाई करेगा, इसकी तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।













