Jharkhand News: झारखंड में आपदा प्रबंधन को लेकर मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अगुवाई में ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं. राजधानी रांची में आयोजित एक उच्चस्तरीय आपात समीक्षा बैठक में उन्होंने वज्रपात, अतिवृष्टि, सर्पदंश, डूबने जैसी घटनाओं से जनहानि को रोकने के लिए तकनीक, संसाधन और मानवीय सहायता का संगम करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की.
बैठक में बताया गया कि बीते तीन महीनों में राज्य में कुल 431 मौतें प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुईं. इनमें सबसे अधिक वज्रपात (180) और पानी में डूबने (161) से हुईं. मंत्री अंसारी ने इन घटनाओं की रोकथाम के लिए योजनाएं प्रस्तुत कीं जो झारखंड को आपदा के खिलाफ सशक्त और सजग राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर होंगी.
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अब तीन घंटे पहले वज्रपात की चेतावनी
- “Mitigation Project for Lightning Safety” को मंजूरी
- जामताड़ा, दुमका और बरहेट में लगेगा Electrical Field Mill उपकरण
- लाउडस्पीकर से 3 घंटे पहले चेतावनी, जान बचाने का प्रयास
हर जिले में दो गोताखोर होंगे प्रशिक्षित
- प्रमुख जलप्रपातों पर लोहे की जालियां लगेंगी
- रेस्क्यू के लिए जिलों में प्रशिक्षित डाइवर्स
- तेज राहत और बचाव कार्य की व्यवस्था सुदृढ़
अब मुआवजा सीधे GPS आधारित ट्रैकिंग से
- JSAC की मदद से MIS और GIS पोर्टल तैयार
- डिजिटल लोकेशन से सीधे पीड़ितों के खाते में मुआवजा
- रियल टाइम निगरानी और पारदर्शी राहत प्रणाली
सड़क दुर्घटनाओं पर भी मिलेगा ₹4 लाख का मुआवजा
- अब सड़क हादसे को भी आपदा मानकर मिलेगा मुआवजा
- मुआवजा नीति में मानवता और समावेशिता की झलक
फसल क्षति पर त्वरित कार्रवाई
- अब तक कुल 2390 हेक्टेयर फसल क्षति
- सरकार की त्वरित राहत नीति से किसानों को बड़ी राहत
- अब तक ₹44 करोड़ राहत राशि वितरित
मंत्री ने कहा – “अब हर महीने होगी समीक्षा…”
झारखंड आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा “प्राकृतिक आपदा को हम रोक नहीं सकते, लेकिन उसके दुष्प्रभाव को तकनीक और संवेदनशीलता से कम जरूर कर सकते हैं. हमारी सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ है.”













