Ranchi News— राजधानी रांची के कांके अंचल स्थित नगड़ी मौजा में प्रस्तावित रिम्स-2 (RIMS-2) परियोजना को लेकर स्थानीय रैयतों और ग्रामीणों का विरोध अब उग्र रूप ले चुका है। रविवार को हजारों की संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
चंपई सोरेन को किया गया हाउस अरेस्ट
प्रशासन को आंदोलन की पूर्व जानकारी थी, इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और बीएनएस धारा 163 के तहत 200 मीटर परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
देवेंद्रनाथ महतो ने कंधे पर उठाया हल-बैल, जोती जमीन
इन तमाम प्रशासनिक बंदिशों के बावजूद, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो चकमा देकर आंदोलन स्थल पर पहुंचे। वे कार्यकर्ताओं के साथ कंधे पर हल और बैल लेकर आए और विरोध स्वरूप प्रस्तावित रिम्स-2 की जमीन पर खुद हल जोतते नजर आए।
उनका नारा था — “खेत जोतो, जमीन बचाओ — रोपा रोपो, जमीन बचाओ!”
महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में, सांस्कृतिक विरोध दर्ज
इस आंदोलन की सबसे अनोखी छवि बनी महिलाओं की भागीदारी। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाओं ने खेत में धान रोपाई की और लोकगीतों और नृत्य के जरिए विरोध जताया।
“विकास नहीं, जबरन अधिग्रहण का विरोध”: महतो
देवेंद्रनाथ महतो ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, परंतु यह ज़मीन कृषि योग्य है और हजारों लोगों की आजीविका का स्रोत है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि—”बिना संवैधानिक प्रक्रिया के जमीन हड़पना किसानों के अधिकारों का हनन है।”
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि रिम्स-2 बनाना है, तो सरकार कांके, बुकरू, रातू, सिमलिया, अनगड़ा या ओरमांझी की सरकारी जमीन पर निर्माण करे।













