Jharkhand News: सरायकेला में कोहिनूर पावर प्लांट पर ₹241.9 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने यह राशि झारखंड के कांद्रा प्रखंड के कुचीडीह गांव में कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए पांच अलग-अलग बैंकों से लोन के रूप में ली थी।
अब यह मामला केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के पास भेज दिया गया है, जो इसकी विस्तृत जांच करेगी।
बैंक की शिकायत पर कोलकाता हाईकोर्ट में मामला दर्ज
बैंकों को शक है कि परियोजना के नाम पर ली गई राशि का गलत इस्तेमाल किया गया और पावर प्लांट का काम निर्धारित योजना के अनुसार नहीं हुआ। इस मामले को लेकर संबंधित बैंकों ने कोलकाता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
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CBI करेगी गहराई से जांच
पांच बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज की राशि मिलाकर ₹241.9 करोड़ बनती है, जिसे अब एक संभावित बैंक फ्रॉड के रूप में देखा जा रहा है।
CBI इस बात की जांच करेगी कि:
- क्या यह राशि गलत दस्तावेजों के आधार पर ली गई थी?
- क्या कोहिनूर पावर कंपनी ने इस फंड का दुरुपयोग किया?
- क्या इसमें किसी सरकारी अधिकारी की भूमिका रही?
आगे क्या हो सकता है?
अब जब मामला CBI को सौंपा गया है, तो आगे कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा सकती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो बड़ी कानूनी कार्रवाई संभव है।












