गोविंदपुर। झारखंड सशस्त्र पुलिस वाहिनी गोविंदपुर में शनिवार को तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य वक्ता आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रबंध अध्ययन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष सह मनोवैज्ञानिक सलाहकार डॉ. प्रमोद पाठक ने जवानों और अधिकारियों को मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के गुर सिखाए।
डॉ. पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में कुशल कार्य निष्पादन के लिए तनाव नियंत्रण बेहद आवश्यक है। यह न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि तनाव मुख्य रूप से सोच और मनोभावों से उत्पन्न होता है और बाहरी कारकों की तुलना में आंतरिक कारक इसका बड़ा कारण हैं।
उन्होंने तनाव से उत्पन्न शारीरिक व मानसिक स्थितियों का विश्लेषण किया और वैज्ञानिक तरीकों से तनाव प्रबंधन के उपाय बताए। डॉ. पाठक ने कहा कि पुलिसकर्मियों को खुद को प्रशिक्षित कर तनाव झेलने की क्षमता विकसित करनी होगी। तनाव कई मानसिक और शारीरिक विकारों का कारण बनता है, इसलिए इसे नियंत्रित करना जरूरी है।
ग्रामीण एसपी सह जैप समादेष्टा कपिल चौधरी ने कहा कि पुलिस जवानों व अधिकारियों को तनावमुक्त रखना आवश्यक है, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी कार्य क्षमता पर पड़ता है। वहीं जैप डीएसपी सतीश चंद्र झा ने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान जवानों ने अपनी शंकाओं और प्रश्नों का समाधान भी डॉ. पाठक से प्राप्त किया।












