Jharkhand News: टेरर फंडिंग और लेवी वसूली के गंभीर आरोपों में जेल में बंद PLFI (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) सुप्रीमो दिनेश गोप की पत्नी हीरा देवी को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है और वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकती हैं।
हीरा देवी को NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने 31 जनवरी 2020 को दिनेश गोप की दूसरी पत्नी शकुंतला कुमारी के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि दिनेश गोप की दोनों पत्नियां संगठित रूप से लेवी वसूली में शामिल थीं।
उनके सहयोग से सुमंत कुमार और अरुण गोप जैसे सहयोगी व्यवसायियों से लेवी वसूलते थे और उस पैसे को फर्जी कंपनियों में निवेश किया जाता था। दिनेश गोप और उसके करीबियों के खिलाफ यह पूरा मामला टेरर फंडिंग नेटवर्क का हिस्सा बताया गया है।
दिनेश गोप की गिरफ्तारी और पुराने मामले
इस मामले में NIA ने 21 फरवरी 2023 को दिनेश गोप को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह लगातार जेल में बंद है। उस पर नोटबंदी के दौरान लेवी से इकट्ठी की गई अवैध रकम को खपाने का भी आरोप है।
एक अहम कार्रवाई में, 10 नवंबर 2016 को बेड़ो थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर SBI बेड़ो शाखा से तीन लोगों — विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, और नंदकिशोर महतो को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 25 लाख 38 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे, जो कि प्रतिबंधित ₹500 और ₹1000 के नोटों में थे।
इसके बाद 16 जनवरी 2018 को यह मामला NIA ने टेकओवर कर लिया, और जांच तेज कर दी गई। NIA अब तक इस केस में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें नंदलाल स्वर्णकार, जितेंद्र कुमार, और इंजीनियर सुमंत कुमार शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।












