Jharkhand: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर पारदर्शिता और सुविधा का दावा करने वाला विभाग अब उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बन गया है। राजधानी रांची के कई इलाकों में उपभोक्ता पिछले तीन महीने से बिजली बिल के लिए परेशान हैं, लेकिन विभाग के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित करने का नया तरीका शुरू किया गया है। हर डिवीजन और सब-डिवीजन में उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगती हैं, और घंटों इंतजार के बाद जवाब मिलता है — ‘सिस्टम अपडेट हो रहा है।’ आखिर यह सिस्टम कब तक अपडेट होता रहेगा?”
“स्मार्ट मीटर नहीं, फेल सिस्टम” — अजय राय
अजय राय ने कहा कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य सटीक बिलिंग और पारदर्शिता था, लेकिन हकीकत में पूरा सिस्टम फेल है। कई उपभोक्ताओं को बिल के बिना भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “जब तक विभाग का पूरा सिस्टम अपडेट नहीं हो जाता, तब तक उपभोक्ताओं को लाइन में नहीं लगाना चाहिए या सुनिश्चित करें कि बिल समय पर और सही रूप में मिले।”
रांची के कई इलाकों में बिलिंग अव्यवस्था
रांची के टाटीसिलवे, लालपुर, कोकर, हरमू, बरियातू, हिनू, धुर्वा, रातू रोड और कांके डिवीजन में हजारों उपभोक्ता तीन महीने से बिल का इंतजार कर रहे हैं।
कई जगहों पर मीटर रीडिंग और बिल में कोई मेल नहीं, जिससे उपभोक्ताओं को दोगुना-तीनगुना बिल मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पर उठे सवाल
अजय राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया —
“यह विभाग आपके अधीन है, फिर भी आपने अब तक इस समस्या पर कोई समीक्षा बैठक नहीं की। जनता की पीड़ा आखिर कब सुनी जाएगी?”
आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ उपभोक्ताओं के साथ मिलकर राज्यव्यापी जन आंदोलन करेगा।












