Business News: इस बार की दिवाली सिर्फ रौशनी और उत्सव ही नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत के लिए भी जबरदस्त खुशियां लेकर आई है। देशभर में बाजारों में उमड़ी भीड़ ने यह जता दिया है कि लोगों की खरीदने की शक्ति बढ़ी है और बाजारों ने कोविड और महंगाई के दौर को पीछे छोड़ दिया है।
क्यों खास है इस बार का धनतेरस?
जीएसटी स्लैब में राहत:
सरकार ने अब सिर्फ 5% और 18% के दो स्लैब रखे हैं, जिससे 95% से अधिक वस्तुएं सस्ती हो गई हैं। इससे बाजारों में खरीदारों का उत्साह साफ देखा जा रहा है।
बेहतर मानसून का असर:
अच्छे मानसून से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मांग बढ़ी है। इससे त्योहारी खरीदारी को बड़ा बूस्ट मिला है।
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आयकर छूट से जेब में राहत:
अब 12 लाख तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा, जिससे आम लोगों की बचत और खर्च की क्षमता दोनों में इजाफा हुआ है।
धनतेरस पर बिक्री में उछाल:
- कार बिक्री: जीएसटी में कमी और सेस हटने से कारों की बिक्री में 20-35% तक की बढ़ोतरी अनुमानित है।
- मकान: रियल एस्टेट में 5-15% तक की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
- होम अपग्रेड प्रोडक्ट्स: फर्नीचर, पेंट, फिटिंग्स, उपकरणों की बिक्री बढ़ने से होम अपग्रेड सेगमेंट में तेजी।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और एसी की बिक्री 30% तक बढ़ने की संभावना है।
सोना-चांदी का बाजार भी गुलजार:
बढ़ती कीमतों के बावजूद 20-25% तक की बिक्री बढ़ने का अनुमान है। रिपोरर्टस के अनुसार, इस बार धनतेरस पर 50,000 करोड़ रुपए से अधिक की सोना-चांदी बिक्री हो सकती है।
सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट:
चांदी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 6% गिरावट, भारत में एमसीएक्स पर चांदी 10,800 रुपए टूटी। शुक्रवार सुबह की हाई प्राइस 1,70,415 से गिरकर 1,57,300 हो गई।
सोना
भारी बिकवाली के चलते सोना 2800 रुपए गिरकर 1,27,000 रुपए पर आ गया।
ग्लोबल मार्केट में स्थिरता और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में कमी के कारण सेफ हेवन एसेट्स की मांग में गिरावट आई है, जिससे ये कीमतें प्रभावित हुई हैं।
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