International : मेक्सिको में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार बिगड़ती स्थिति ने आखिरकार युवा पीढ़ी का सब्र तोड़ दिया। शनिवार को हजारों GenZ सड़क पर उतर गए और उग्र प्रदर्शन करने लगे। इनके साथ ही मध्यम आयु और बुजुर्ग लोग सड़कों पर उतर आए।
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आंदोलन की आग उस वक्त और भड़क गई जब 1 नवंबर को मिचोआकेन राज्य में उरुअपन के मेयर कार्लोस मंजो की एक कार्यक्रम के दौरान खुलेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सार्वजनिक हत्या ने लोगों में डर और गुस्से दोनों को बढ़ा दिया।
पुलिस पर पत्थर, हथौड़े, पटाखे और जंजीरें फेंकी गईं
राजधानी में प्रदर्शनकारी इतना उग्र हो गए कि उन्होंने राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास नेशनल पैलेस की सुरक्षा दीवारें तक गिरा दीं। पुलिस पर पत्थर, हथौड़े, पटाखे और जंजीरें फेंकी गईं। जवाब में पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार 120 लोग घायल हुए, जिनमें 100 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जबकि 20 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
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भ्रष्टाचार और हिंसा से त्रस्त युवा कहते हैं कि उन्हें “सुरक्षा चाहिए, बहाने नहीं।” वहीं स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग भी इस आंदोलन में शामिल हुए। डॉक्टरों का कहना है कि वे भी उतने ही असुरक्षित हैं जितना आम नागरिक।
वहीं राष्ट्रपति शीनबॉम का आरोप है कि विपक्ष इस आंदोलन को भड़का रहा है और सोशल मीडिया के जरिए इसे बड़ा दिखाया जा रहा है। हालांकि जनआक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा।













