धनबाद: देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT (ISM) धनबाद अपने गौरवशाली 100 वर्ष पूरे कर रहा है। 9 दिसंबर को संस्थान शताब्दी स्थापना दिवस मनाने जा रहा है, जिसमें उद्योगपति एवं अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी मुख्य अतिथि होंगे। वे छात्रों और शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए संस्थान के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश साझा करेंगे।
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3 से 9 दिसंबर तक शताब्दी सप्ताह—स्टार्टअप, टेक शोकेस, हेरिटेज एक्सपो तक कई आकर्षण
संस्थान ने 3 से 9 दिसंबर तक शताब्दी स्थापना सप्ताह का आयोजन किया। पूरे सप्ताह कैंपस नवाचार और तकनीकी ऊर्जा से भरा रहा।
मुख्य आकर्षण—
- टेक शोकेस: छात्रों और शोधकर्ताओं के अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी
- हेरिटेज गैलरी: 100 साल की विरासत और दुर्लभ ऐतिहासिक अभिलेख
- स्टार्टअप और इनोवेशन फोरम
- विशेषज्ञ व्याख्यान, रिसर्च टॉक्स
- सांस्कृतिक कार्यक्रम और ड्रोन शो, जिसने कैंपस को उत्सवमय बनाया
खनन स्कूल से IIT बनने तक: 100 साल का गर्व
IIT (ISM) धनबाद की स्थापना 9 दिसंबर 1926 को तब के वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा की गई थी। शुरुआत एक विशेष खनन स्कूल के रूप में हुई, जिसका फोकस खनन और भू-विज्ञान विशेषज्ञों को तैयार करना था।
समय के साथ संस्थान ने कंप्यूटर साइंस, ऊर्जा, सिविल, मैकेनिकल सहित आधुनिक इंजीनियरिंग की कई शाखाओं में विस्तार किया।
वर्ष 2016 में इसे आधिकारिक तौर पर IIT का दर्जा मिला, जिसके बाद संस्थान की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई।
रिसर्च में अग्रणी—ऊर्जा, डिजिटल माइनिंग और सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान
पिछले 100 वर्षों में संस्थान ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़ा योगदान दिया है—
- खनिज अन्वेषण
- क्लीन कोल तकनीक
- माइनिंग सेफ्टी
- डिजिटल माइनिंग
- सस्टेनेबल एनर्जी समाधान
IIT (ISM) के शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां दर्ज की हैं।
इसके पूर्व छात्र विश्व की शीर्ष ऊर्जा कंपनियों, टेक फर्मों और नीति निर्माण संस्थानों में प्रमुख भूमिकाएं निभा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के साथ संस्थान की अंतरराष्ट्रीय रिसर्च साझेदारियां मजबूती प्रदान कर रही हैं।
मिशन 2026: वैश्विक टेक और ऊर्जा हब बनने की तैयारी
शताब्दी वर्ष पर संस्थान ने महत्वाकांक्षी ‘मिशन 2026’ की घोषणा की है।
इस मिशन का उद्देश्य—
- IIT (ISM) को ग्लोबल टेक एंड एनर्जी हब बनाना
- उच्च स्तरीय रिसर्च और इनोवेशन को नई दिशा देना
- नई वैश्विक साझेदारियों की शुरुआत
समारोह में इस मिशन से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद है, जो आने वाले दशकों में संस्थान की भूमिका और योगदान को नई ऊंचाई दे सकती हैं।











