Jharkhand News: झारखंड सरकार ने आज किसानों के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए खरीफ फसल हेतु नई योजना को मंजूरी दी, जिसके तहत धान बेचने वाले किसानों को सिर्फ 48 घंटे में पूरा भुगतान उनके बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। इतना ही नहीं, सरकार ने धान पर MSP के अतिरिक्त राज्य बोनस देने का निर्णय भी लिया है। इसके बाद इस बार किसानों को कुल ₹2,450 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिलेगा। यह प्रस्ताव आज कैबिनेट की बैठक में पास किया गया।
700 केंद्रों पर शुरू होगी धान खरीद, 15 दिसंबर से शुरुआत
राज्य में लगभग 700 LAMPS केंद्रों पर 15 दिसंबर से धान खरीद शुरू होगी। सभी खरीद केंद्रों को इस बार पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। सरकार 4G आधारित POS मशीनें स्थापित कर रही है, जिनकी मदद से किसानों का तुरंत सत्यापन, खरीदे गए धान का रीयल-टाइम अपडेट, और भुगतान प्रक्रिया तेज व त्रुटिरहित होगी। विभाग के अनुसार, नई डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी नहीं होगी।
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धान की नई कीमत: MSP + बोनस
सरकार ने इस बार धान की कीमत इस प्रकार तय की है,
- राज्य सरकार का बोनस: ₹100 प्रति क्विंटल
- कुल भुगतान: ₹2,450 प्रति क्विंटल
किसान अधिकतम 200 क्विंटल धान बेच सकेंगे। इसके लिए भूमि आधारित पात्रता भी निर्धारित की गई है। सरकार के अनुसार, 200 क्विंटल बेचने के लिए किसान के पास न्यूनतम 11–12 एकड़ कृषि भूमि होनी चाहिए।
नई भुगतान व्यवस्था: अब नहीं होगा महीनों का इंतजार
पहले किसानों को भुगतान दो हिस्सों में मिलता था, 50% राशि 24 घंटे में और शेष राशि मिल तक भेजने के बाद, जिसमें कई बार महीनों की देरी होती थी। नई प्रणाली के बाद पूरा भुगतान 48 घंटे में, बिचौलियों की भूमिका खत्म, भुगतान तेज, पारदर्शी और सुरक्षित, किसान समय पर रबी सीजन की तैयारी कर सकेंगे। सरकार ने जिलों के प्रशासन और FCI अधिकारियों को खरीद केंद्रों की नियमित निगरानी करने का निर्देश भी दिया है, ताकि किसानों को हर स्तर पर सुचारू सुविधा मिल सके।
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किसानों को बड़ी राहत
कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। तेज भुगतान और बढ़ी हुई कीमत से किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इस बार धान खरीद प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी होगी। यह कदम झारखंड में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।












