Sydney Attack : सिडनी के बॉन्डी बीच पर रविवार को हुई आतंकी घटना ने ऑस्ट्रेलिया को दहला दिया है। हनुक्का फेस्टिवल मना रहे लोगों पर हुए इस जघन्य हमले के पीछे पिता-पुत्र की जोड़ी का हाथ है, जिनके पाकिस्तानी मूल के होने का संदेह है। हमले में मरने वालों की संख्या 16 तक पहुंच गई है, जिनमें एक दस साल की बच्ची और एक इजरायली नागरिक भी शामिल है।
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पुलिस के मुताबिक, हमलावर साजिद अकरम (50) 1998 में छात्र वीज़ा पर ऑस्ट्रेलिया आया था और बाद में पार्टनर वीज़ा पर रहा। उसके पास ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता नहीं थी, लेकिन शिकार के लिए लाइसेंसी बंदूकें थीं। गोलीबारी के बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में साजिद मारा गया, जबकि उसका बेटा नवीद अकरम जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है, गंभीर रूप से घायल है।
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Sydney Attack : मछली पकड़ने की बात बोलकर घर से निकले थे हत्यारे
परिवार को यह कहकर निकले कि वे ‘मछली पकड़ने जा रहे हैं’, इन दोनों ने पीछे जो खौफनाक मंजर छोड़ा, उसने हर किसी को झकझोर दिया है। साजिद फल विक्रेता था। उसकी पत्नी और नवीद की मां वेरेना को विश्वास नहीं हो रहा कि उनके बेटे ने ऐसा किया।
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हालांकि, नवीद 2019 में ASIO की जांच के घेरे में आया था। यह हमला कई सवाल खड़े करता है: सुरक्षा एजेंसियों की चूक? लाइसेंसी हथियारों का दुरुपयोग? यह घटना दर्शाती है कि आतंकवाद की जड़ें कितनी गहरी हो सकती हैं और कैसे एक सामान्य जीवन जीने वाला व्यक्ति अचानक हिंसा का रास्ता अपना सकता है।













