Jharkhand News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों बाल वीर पुरस्कार से सम्मानित होने के बावजूद ओरमांझी मुंडा टोली की 14 वर्षीय बेटी अनुष्का कुमारी आज भी संघर्षों की कठोर जमीन पर अपने सपनों को बचाए हुए है। देश का नाम रोशन करने वाली यह होनहार खिलाड़ी भारतीय अंडर-17 फुटबाल टीम की सदस्य है, लेकिन जूते, साइकिल व पढ़ाई की फीस जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी उसे संघर्ष करनी पड़ रही है।
Jharkhand की बेटी अनुष्का बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित
अनुष्का ने बताया कि अभ्यास के दौरान उसके जूते फट जाते हैं, तो दूसरा लेना चुनौतिपूर्ण हो जाती है। घर से मैदान व मुख्य पथ तक जाने के लिए उसके पास कोई साधन साइकिल तक नहीं है। स्कूल की फीस भरना भी परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उसकी मां रीता देवी मजदूरी कर किसी तरह बेटी के सपनों को सहारा दे रही हैं। और अनुष्का के पिता का पैर फ्रैक्चर हो गया है। जिसके ऑपरेशन के लिए भी उनके पास पैसा नहीं है।
हर महीने 5000 का खर्च उठाना भी परिवार के लिए मुश्किल
अनुष्का हजारीबाग स्थित आवासीय बालिका फुटबाल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रही और वहीं हॉस्टल में रहकर संत कोलंबस हाई स्कूल, हजारीबाग दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है। बावजूद इसके, हर महीने करीब है से लगभग 5000 का खर्च उठाना परिवार के लिए बेहद कठिन हो रहा है।
Read more- Jharkhand News: झारखंड में फिर बढ़ी ठंड की मार, यह बना सबसे ठंडा जिला
बाल वीर पुरस्कार को लेकर पूछे गए सवाल पर अनुष्का ने बताया कि भूटान और नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेस्ट स्कोरर और मैन ऑफ द सीरीज बनने के बाद उसका चयन इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए हुआ। उसने यह भी बताया कि मार्च माह में चीन में होने वाली एशिया फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अनुष्का भी उसका चयन हो चुका है।
अनुष्का की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील
अनुष्का ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि, वो अनुष्का के पिता के पैर के ऑपरेशन में मदद करें, साथ ही उनके आर्थिक हालातों को सुधारने में मदद करें। ताकि, अनुष्का अपने प्रतियोगिताओं में ध्यान केंद्रित कर पाए।
View this post on Instagram













