Jharkhand Politics: झारखंड में प्रस्तावित निकाय चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर सहित कई पदाधिकारी शामिल थे।
रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में आदित्य साहू ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार स्थिति संभालने में विफल रही है। हाल के दिनों में कोर्ट और सरकारी दफ्तरों को मिली धमकियों, गोलीबारी और अन्य आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता में असुरक्षा की भावना गहराई है।
Jharkhand Politics: 23 फरवरी को 48 नगर निकायों में होना है चुनाव
भाजपा का कहना है कि 23 फरवरी को 48 नगर निकायों में होने वाले चुनाव में 1087 वार्डों के 4304 बूथों पर मतदान होना है। इस बार मतदान बैलेट पेपर से कराया जाएगा, जिससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ सकती है। पार्टी ने आशंका जताई कि संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर बूथ कैप्चरिंग या प्रशासनिक दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ज्ञापन में मांग की गई है कि मतदान के दिन से लेकर मतगणना पूरी होने तक केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्ट्रांग रूम और काउंटिंग सेंटर पर भी केंद्रीय बलों की मौजूदगी रहे, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
आदित्य साहू ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव सबसे अहम है और यदि कानून-व्यवस्था कमजोर होगी तो चुनाव की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। अब सबकी नजर निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी है कि वह इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है।











