Jharkhand Assembly: विधायक अरुप चटर्जी ने उठाया कटौती और खरीद का मुद्दा
Jharkhand Assembly: रांची नीरसा विधायक अरुप चटर्जी ने विधानसभा में अल्प सूची प्रशन्न के जरिए धान खरीदारी का मामला उठाया है। उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर धान खरीद में सरकार लक्ष्य कितना पूरा कर पायेगी और पैक्स में एक किलो धान कि कटौती क्यों करती है, क्या धान खरीद के लक्ष्य को सरकार को पूरा कर पायेगी। 31मार्च तक क्रय करने कि जानकारी है। ऐसे में किसान के धान कि अबतक खरीदारी नहीं हो पायी है।
मंत्री इरफान अंसारी का आश्वासन, जरूरत पड़ी तो बढ़ेगी समय सीमा
इसपर मंत्री इरफ़ान अंसारी ने जवाब दिया कि सरकार किसानों के साथ है और धान क्रय करने में अपने लक्ष्य को पूरा कर रहे है। अगर जरुरत पड़ी तो इस तारीख से आगे भी बढ़ाने का काम किया जायेगा।
विधायक ने सवाल पूछा कि हर पंचायत में एक पैक्स गोदाम खोला गया है। लेकिन सभी में धान कि खरीदारी नहीं कि जाती है। तो आखिर कैसे धान खरीदारी के लिए सरकार दावा कर रही है जिसपर जवाब देते हुए कहा ऐसी जानकारी उन्हें नहीं है अगर किसी पंचायत में ऐसी शिकायत होती है तो वैसे अधिकारी पर कार्रवाई कि जाएगी। सरकार संवेदनशील है।
‘शो-पीस’ बने पंचायत गोदाम और बिचौलियों का बोलबाला
चटर्जी ने पंचायत स्तर पर बने पैक्स गोदामों की तुलना बिना डॉक्टर वाले अस्पतालों से की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बुनियादी ढांचा तो खड़ा कर दिया है, लेकिन वहां खरीद नहीं हो रही है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि जमीनी स्तर पर बिचौलिए हावी हैं और सरकारी सिस्टम सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का हमला: “कागजों पर हो रही है खरीद”
इस बीच इस बहस में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल ने कहा कि सरकार सिर्फ कागजो पर धान कि खरीदारी कर रही है। जमीन पर बिचौलिए किसान के धान कि खरीदारी करने में लगे है। पुरे झारखण्ड में ऐसा ही हाल है। अगर पैक्स के लिए टेंडर किया गया, तो फिर उसमें अधिकारी को जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई। सिर्फ सिखावे का केंद्र बन कर रह गया। किसान बदहाल है और बिचौलिए कि चांदी।
इस पर विधायक अरुप चटर्जी ने कहा कि झारखण्ड में अगर ऐसा ही चलता रहेगा तो फिर किसान परेशान है। ऊपर से धान कि खरीदारी में भी एक किलो कि कटौती कि जा रही है।












