Jharkhand Vidhansabha Session: Jharkhand विधानसभा में उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई जब सत्तारूढ़ गठबंधन की नेता Kalpana Murmu Soren ने अपनी ही सरकार से राज्य में कृषि उत्पादों की टेस्टिंग लैब को लेकर सवाल उठा दिया।
Jharkhand Vidhansabha Session में उन्होंने कहा कि Jharkhand में कृषि और वन उत्पादों की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन राज्य में अभी तक ऐसी कोई आधुनिक टेस्टिंग लैब नहीं है जहां फल, सब्जी या अन्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में Deoghar Airport जैसे एयरपोर्ट मौजूद हैं, लेकिन वहां भी कृषि उत्पादों की टेस्टिंग की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अगर कोई किसान अपने उत्पादों को निर्यात करना चाहता है तो उसे जांच के लिए Kolkata तक जाना पड़ता है।
कल्पना सोरेन ने सरकार को सुझाव दिया कि यदि राज्य में कृषि उत्पादन और संभावनाओं का सही आकलन कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए तो झारखंड को एग्री एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में करीब डेढ़ लाख एकड़ में हरित ग्राम योजना के तहत काम चल रहा है और आने वाले समय में यहां बड़े पैमाने पर फल उत्पादन होगा। इसके अलावा कई इलाकों में Strawberry, Dragon Fruit और Bell Pepper की खेती भी शुरू हो चुकी है, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने कहा कि यह मुद्दा वास्तव में राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल सरकार के पास ऐसी किसी लैब की स्थापना का स्वीकृत प्रस्ताव नहीं है।
हालांकि उन्होंने बताया कि पिछले साल नामकुम स्थित संस्थान के माध्यम से एक मॉडर्न क्वालिटी असेसमेंट और लैबोरेट्री का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। उस पर कुछ सवाल (क्वेरी) भी आए थे, लेकिन अंततः प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिल पाई।
मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में फिर से प्रयास किया जाएगा ताकि राज्य में ऐसी लैब स्थापित हो सके।
इस पर कल्पना सोरेन ने कहा कि अगर रांची और देवघर जैसे शहरों में टेस्टिंग लैब की सुविधा मिल जाए तो किसानों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और झारखंड के कृषि उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे।












