झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल RIMS का किचन भी कॉमर्शियल गैस की किल्लत से जूझ रही है। फिलहाल ऐजेंसी को 50 फीसदी कम गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। जिससे भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले भोजन पर व्यापक संकट गहराता दिखने लगा है। RIMS प्रबंधन की ओर से खाने का मेन्यू में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यदि LPG का संकट लंबे समय तक बना रहता है, तो एजेंसी को कम ईंधन खपत और कम समय मे तैयार होने वाले भोजन पकाने का निर्देश भी दिया जायेगा।
RIMS: तीनों समय भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश
बहरहाल, RIMS प्रबंधन ने एजेंसी को साफ निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में भर्ती मरीजों को सुबह,दोपहर और रात्रि तीनों समय भोजन उपलब्ध कराया जाए। हालांकि, LPG की किल्लत को लेकर RIMS प्रबंधन ने एजेंसी को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार बातचीत किया जा रहा है। साथ ही एजेंसी को भी खाना बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।
PNG कनेक्शन में शीघ्रता लाने की तैयारी
RIMS प्रशासन किचन के लिए पीएनजी कनेक्शन में शीघ्रता लाने का निर्देश दिया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पीएनजी की पाइपलाइन लाइन बिछाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है, हालांकि, RIMSप्रबंधन को कनेक्शन से पहले यह बताना आवश्यक है कि प्रतिदिन कितनी गैस सिलिंडर की आवश्यकता है। इसके बाद ही किचन के अंदर पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।












