RANCHI: चुनाव आयोग ने देश के 5 राज्यों में चुनाव की घोषणा कर दी है। लेकिन झारखंड की धरती में केवल और केवल असम के चुनाव की चर्चा है। ऐसा इस लिए क्यों कि जीवन चक्र में ये कहा जाता है कि “समय का पहिया देर से ही सही, लेकिन घूमता जरूर है।” और यह पहिया झारखंड के लिए घूमता नजर आ रहा है।
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सरमा ने झारखंड में निभाई थी सक्रिय भुमिका
याद हो जब 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने राज्य की राजनीति में बेहद सक्रिय भूमिका निभाई थी। जीत के दावे किए थे, लेकिन भाजपा के सह-प्रभारी के तौर पर उन्हें झारखंड में फतह नहीं मिल सकी थी। अब जब असम में चुनाव की घोषणा हो चुकी है और हेमंत सोरेन की एंट्री पहले ही असम में हो चुकी है। तो अब हिसाब बरार करने की बात कही जा रही है।
दो बार Hemant Soren कर चुके है असम का दौरा
देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों में Hemant Soren दो बार असम जा चुके है। बिस्वनाथ जिले के मिजिका चाय बागान में आयोजित रैली में उन्होंने खुलकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई। इस मंच से एक नए राजनीतिक समीकरण का ऐलान भी हुआ। यहां तक कि Jharkhand Mukti Morcha और Jai Bharat Party के बीच गठबंधन की घोषणा की गई। जय भारत पार्टी के अध्यक्ष Teharu Gaur ने कहा कि दोनों दल मिलकर असम विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
असम से पैर पीछे करने वाले नहीं है Hemant Soren
इस गठबंधन के पीछे एक सियासी गणित काफी दिलचस्प मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असम में JMM की सक्रियता सिर्फ चुनावी विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में एक संदेश देना है। हालांकि बिहार में झामुमो की यह सोच सफल नहीं हो सकी थी, लेकिन जिस तरह हेमंत सोरेन असम के दौरे में नजर आ रहे है, उस से यह तो साफ है कि हेमंत सोरेन अपना पैर फिलहाल तो असम से पीछे करने वाले नहीं है।
कांग्रेस में दिख रही खलबली
लेकिन हेमंत सोरेन के असम दौरे से कांग्रेस में खलबली है। इसका साफ उदाहरण ये रहा कि हेमंत सोरेन के असम दौरे से वापस आने के तुरंत बाद पीछे पीछे असम कांग्रेस के अध्यक्ष Gaurav Gogoi रांची पहुंचे। तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली गई, जिससे यह तो साफ है कि झारखंड की तरह ही कांग्रेस असम में झामुमो से तालमेल मिला कर चुनाव लड़े। लेकिन हेमंत सोरेन क्या इस रिश्ते को झारखंड के बाहर जारी रखते है या शरीफ झारखंड ग़क ही इस गठबंधन को सीमित रखते है।
किसका बिगाड़ेंगे Hemant Soren खेल
अगर असम विधानसभा चुनाव में नजर डाले तो, असम में कुल 120 सीटें है। और बहुमत के लिए 64 सीट जरूरी है। इसमें से कुल 28 सीट ऐसे है जो पूरी तरह से ट्राइबल सीट है। ऐसे में हेमंत सोरेन इन सीटों में चुनाव लड़ने में कितने सफल हो पाते है। यह तो देखने वाली बात होगी अगर 2021 के चुनावी रिजल्ट पर नजर डाला जाए तो भाजपा ने 60 वहीं कांग्रेस ने 29 और अन्य पार्टियों ने 37 सीटों पर जीत हांसील की थी। लेकिन इस बार हेमंत सोरेन की भी असम में एंट्री हो चुकी है। अब असम में हेमंत किसका खेल बीगाड़ेंगे और किसा बनाएंगे यह तो आने वाला समय ही सपष्ट करेगा। फिलहाल इंतजार कीजिए क्योंकि अभी टीजर ही जारी हुई है, पूरी फिल्म अभी आना बाकी है।












