राँची/धनबाद: कुख्यात गैंगस्टर Prince Khan को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या वह सच में पाकिस्तान में छिपा हुआ है? पुलिस को मिले ताजा सुरागों ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान मिले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य इशारा कर रहे हैं कि प्रिंस खान फिलहाल पाकिस्तान के बहावलपुर इलाके में शरण लिए हुए है और वहीं से पूरे गैंग का संचालन कर रहा है।
सूत्र बताते हैं कि पुलिस को एक संदिग्ध आईडी कार्ड मिला है, जिसमें Prince Khan ने अपना नाम बदलकर “फैज खान” रखा है। इस आईडी में बहावलपुर का पता दर्ज है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन इस इनपुट के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि Prince Khan तक हर महीने करीब एक करोड़ रुपये पहुंचाए जा रहे थे। यह रकम सीधे बैंकिंग चैनल से नहीं बल्कि क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भेजी जा रही थी, ताकि ट्रांजेक्शन ट्रैक न हो सके। पुलिस ने अब तक 60 से ज्यादा संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनकी जांच जारी है।
इस पूरे नेटवर्क का संचालन जमीन पर अमन सिंह उर्फ कुबेर कर रहा था, जिसे हाल ही में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार, कुबेर ही प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गैंग के बीच कड़ी था। वही कारोबारियों की डिटेल जुटाने से लेकर धमकी भरे मैसेज और ऑडियो तैयार करने तक का काम संभालता था।
राँची में गैंग का नेटवर्क तेजी से फैलाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, नामकुम का कौशल पांडे कारोबारियों के मोबाइल नंबर और डिटेल जुटाता था, जबकि लालपुर का राणा राहुल सिंह रंगदारी वसूली और शूटर उपलब्ध कराने का जिम्मा संभाल रहा था। पुलिस दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
Read More: Prince Khan के गुर्गे की जमानत खारिज, घायल आरोपी ने उगले बड़े राज
टीटॉस रेस्टोरेंट फायरिंग केस में भी इसी नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। सूत्रों की मानें तो रंगदारी नहीं मिलने पर गैंग ने मिलकर फायरिंग की साजिश रची थी। हालांकि प्लान सिर्फ दहशत फैलाने का था, लेकिन शूटरों की लापरवाही से एक कर्मचारी की जान चली गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर Prince Khan पाकिस्तान में है, तो उस तक कानूनी कार्रवाई कैसे पहुंचेगी? सूत्रों के अनुसार, पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनपुट शेयर करने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।












