झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 पारित, अब तंबाकू मुक्त होंगे सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी
झारखंड में नया विश्वविद्यालय विधेयक 2026 पारित। अब यूनिवर्सिटी और कॉलेज परिसर होंगे सिगरेट-तंबाकू मुक्त। कुलपति और प्राचार्य की होगी सीधी जिम्मेदारी। जानें चुनाव लड़ने के नए नियम।
झारखंड विधानसभा में मंगलवार को झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया है। इस नए कानून के माध्यम से राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन और स्वास्थ्य को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। अब राज्य के सभी विश्वविद्यालय, अंगीभूत (Constituent) और संबद्ध (Affiliated) कॉलेज पूरी तरह से सिगरेट और तंबाकू मुक्त परिसर होंगे।
Jharkhand State Universities Bill 2026 Passed: कुलपति और प्राचार्य की तय हुई जवाबदेही
पहली बार इस विधेयक में शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर तय की गई है।
- विश्वविद्यालय स्तर पर: कुलपति (VC) और डीन (Dean) उत्तरदायी होंगे।
- कॉलेज स्तर पर: प्राचार्य (Principal) की यह जिम्मेदारी होगी कि परिसर में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन हो।
Jharkhand State Universities Bill 2026 Passed: 100 गज के दायरे में बिक्री पर प्रतिबंध
विधेयक के अनुसार, प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज की बाहरी सीमा से 100 गज की परिधि को ‘तंबाकू निषेध क्षेत्र’ के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। COTPA अधिनियम 2003 के तहत इस दायरे में सिगरेट या किसी भी तंबाकू उत्पाद की बिक्री, विज्ञापन और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसी के साथ संस्थानों को निरंतर प्रवर्तन (Enforcement) सुनिश्चित करना होगा ताकि परिसर को नशा मुक्त रखा जा सके।
शिक्षक और कर्मचारी भी लड़ सकेंगे चुनाव
इस विधेयक में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राजनीतिक अधिकारों को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। विश्वविद्यालय का कोई भी शिक्षक या कर्मचारी विधानसभा या संसद का चुनाव लड़ सकता है। इसके लिए नामांकन से पहले विश्वविद्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। चुनाव जीतने के आधार पर किसी को अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। निर्वाचित सदस्य (MLA/MP) अपनी सदस्यता की अवधि के दौरान ‘बिना वेतन और भत्ते’ के अवकाश पर रहेंगे। उनकी सेवा निरंतर मानी जाएगी, लेकिन उस अवधि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
यह नियम राज्यपाल की स्वीकृति के बाद पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगे।
झारखंड सरकार का यह कदम न केवल शैक्षणिक माहौल को सुधारने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, बल्कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए एक कानूनी सुरक्षा चक्र भी प्रदान करता है।












