भारत में फिल्मों को लेकर जो क्रेज Pathaan के दौरान देखने को मिला था, वैसा ही माहौल अब Dhurandhar 2 के साथ बनता दिख रहा है। इस फिल्म में Ranveer Singh एक बार फिर अपने सबसे इंटेंस अवतार में नजर आते हैं, और इस बार कहानी पहले से ज्यादा पर्सनल और खतरनाक हो जाती है।
पहले पार्ट की झलक और बॉक्स ऑफिस
Dhurandhar का पहला पार्ट रिलीज के बाद एक बड़ी हिट साबित हुआ था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग ₹300 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था और अपने रॉ एक्शन, देशभक्ति और रियल-इंस्पायर्ड कहानी के कारण दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा में रहा।
पहले पार्ट में कहानी एक मिशन पर आधारित थी, जहां रियल और फिक्शन का मिश्रण दिखाया गया था। यही वजह रही कि फिल्म ने एक मजबूत फैन बेस तैयार किया, जो अब इसके दूसरे पार्ट का इंतजार कर रहा था।
कहानी: बदले की आग में जलता जसकीरत
Dhurandhar 2 की कहानी इस बार जसकीरत सिंह रंगी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक सामान्य युवक से एक खतरनाक मिशन का हिस्सा बन जाता है। साल 2002 में घटी एक दर्दनाक घटना उसकी जिंदगी बदल देती है—पिता की हत्या और परिवार पर हुए अत्याचार उसे अंदर से तोड़ देते हैं।
इसी मोड़ पर उसकी मुलाकात R. Madhavan के किरदार अजय सान्याल से होती है, जो उसे “ऑपरेशन धुरंधर” में शामिल करता है। धीरे-धीरे जसकीरत, ‘हमजा अली मज़ारी’ बनकर दुश्मनों के नेटवर्क को खत्म करने निकल पड़ता है। फिल्म में उसका ट्रांसफॉर्मेशन और मानसिक संघर्ष कहानी को गहराई देता है।
Ranveer Singh: फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
अगर Dhurandhar 2 को देखने की एक सबसे बड़ी वजह है, तो वह हैं Ranveer Singh। उन्होंने अपने किरदार में जिस तरह की इंटेंसिटी दिखाई है, वह काबिल-ए-तारीफ है।
फिल्म में उनका किरदार कई परतों में सामने आता है—जहां एक तरफ वह अपने परिवार के लिए भावुक हैं, वहीं दूसरी तरफ दुश्मनों के लिए बेहद क्रूर। खासतौर पर कुछ सीन ऐसे हैं जहां उनका एंगर और पागलपन स्क्रीन पर पूरी तरह हावी हो जाता है, जो दर्शकों को सीट से बांधे रखता है।
सपोर्टिंग कास्ट और विलेन का असर
फिल्म में सपोर्टिंग कास्ट भी काफी मजबूत है। Arjun Rampal मेजर इकबाल के रोल में एक खतरनाक विलेन के तौर पर सामने आते हैं और कहानी में टेंशन बनाए रखते हैं। वहीं Sanjay Dutt की एंट्री भले ही सीमित हो, लेकिन उनका स्क्रीन प्रेजेंस हमेशा की तरह दमदार है।
- Madhavan एक बार फिर मास्टरमाइंड की भूमिका में नजर आते हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरे मिशन को कंट्रोल करते हैं। Yami Gautam का किरदार छोटा होते हुए भी कहानी में अहम योगदान देता है।
रियल इवेंट्स और पॉलिटिकल टच
फिल्म की खासियत यह है कि इसमें कई रियल-लाइफ घटनाओं का संदर्भ दिया गया है, जिससे कहानी और ज्यादा इंटेंस बन जाती है। इसमें 2008 Mumbai attacks, Uri attack और अन्य राष्ट्रीय घटनाओं की झलक देखने को मिलती है।
यह फिल्म रियल और फिक्शन के बीच की सीमा को जानबूझकर धुंधला करती है, जिससे दर्शकों को “क्या यह सच हो सकता है?” जैसा एहसास होता है।
म्यूजिक और ट्रीटमेंट
फिल्म का म्यूजिक भी काफी अलग और यादगार है। इसमें पुराने क्लासिक्स और इंटरनेशनल ट्रैक्स का मिश्रण देखने को मिलता है। Nusrat Fateh Ali Khan की कव्वाली से लेकर Khaled के “Didi” और Boney M के “Rasputin” तक, फिल्म का साउंडट्रैक इसे और ग्रैंड बनाता है।
कहां रह गई कमी?
फिल्म का क्लाइमैक्स पहले पार्ट जितना प्रभावशाली नहीं लगता। जहां Dhurandhar ने एक मजबूत एंडिंग दी थी, वहीं Dhurandhar 2 का अंत थोड़ा कम असरदार महसूस होता है। कुछ हिस्सों में कहानी थोड़ी लंबी भी लगती है।
Dhurandhar 2 एक ऐसी फिल्म है जो अपने पहले पार्ट से बड़ी, बोल्ड और ज्यादा इंटेंस है। इसमें एक्शन, इमोशन और देशभक्ति का जबरदस्त मिश्रण है। Ranveer Singh की परफॉर्मेंस इसे खास बनाती है और यही वजह है कि यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल हो सकती है।
देखें या नहीं?
अगर आपने Dhurandhar का पहला पार्ट देखा है, तो यह फिल्म आपके लिए और भी ज्यादा दिलचस्प होगी। वहीं, एक्शन और इंटेंस ड्रामा पसंद करने वालों के लिए यह एक परफेक्ट एंटरटेनर है।













