Ranchi: भारतीय नववर्ष के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में रांची में एक भव्य, अनुशासित और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से आए स्वयंसेवक, मातृशक्ति, प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। करीब 500 से अधिक लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और आरती के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके बाद प्रार्थना और सामूहिक अनुशासन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
**भारतीय नववर्ष का महत्व बताया**
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक **गोपाल शर्मा** ने अपने संबोधन में भारतीय नववर्ष यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि सृष्टि के प्रारंभ, प्रकृति के नवोदय और भारतीय जीवनदर्शन का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी और इसी दिन से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है।
**संघ का उद्देश्य – व्यक्ति निर्माण**
उन्होंने कहा कि RSS ने समाज में पहले से प्रचलित उत्सवों को संगठित रूप में मनाकर उनमें राष्ट्रीय चेतना का संचार किया है। संघ का मूल उद्देश्य “व्यक्ति निर्माण” है, जिससे सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव हो सके।
संघ के संस्थापक **डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार** के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने 1925 में संघ की स्थापना कर समाज सेवा को नई दिशा दी।
**“पंच परिवर्तन” पर विशेष जोर**
अपने उद्बोधन में उन्होंने “पंच परिवर्तन” की अवधारणा को विस्तार से समझाया। इसके अंतर्गत—
* कुटुंब प्रबोधन
* सामाजिक समरसता
* स्वदेशी जीवनशैली
* नागरिक कर्तव्य
* पर्यावरण संरक्षण
इन पांच बिंदुओं पर कार्य करने की आवश्यकता बताई गई।
**पर्यावरण और सामाजिक समरसता का संदेश**
उन्होंने “पेड़ लगाओ, प्लास्टिक हटाओ और पानी बचाओ” का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। साथ ही जाति और वर्ग के भेदभाव को खत्म कर समाज में एकता स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
**DINK संस्कृति पर चिंता**
आधुनिक समाज में बढ़ती “डबल इनकम नो किड्स (DINK)” प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने मजबूत पारिवारिक व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।
**भारतीय नववर्ष बनाम 1 जनवरी**
उन्होंने भारतीय नववर्ष की तुलना 1 जनवरी से करते हुए कहा कि भारतीय नववर्ष प्रकृति, विज्ञान और संस्कृति पर आधारित है, जबकि 1 जनवरी केवल कैलेंडर आधारित तिथि है। बसंत ऋतु का आगमन भारतीय नववर्ष को और विशेष बनाता है।
**इनकी रही उपस्थिति**
कार्यक्रम में अजय जी, महानगर सह संघचालक शशिकांत जी, भाग प्रमुख मनोज जी, माधव नगर, श्रीराम नगर एवं चाणक्य नगर के संघचालकगण, विभाग प्रचारक मंटू जी, महानगर प्रचारक विशाल जी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।











