Dhanbad: धनबाद नगर निगम के नवनियुक्त डिप्टी मेयर अरुण चौहान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके पार्षद निर्वाचन को रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए धनबाद के अवर न्यायाधीश की अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने मामले को स्वीकार करते हुए अरुण चौहान के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
वार्ड नंबर 7 से चुनाव हार चुकीं नेहा कुमारी ने 18 मार्च 2026 को अदालत में याचिका दायर की थी।
उनकी ओर से अधिवक्ता पंकज प्रसाद और के.के. तिवारी ने कोर्ट में दलील दी कि:
- अरुण चौहान ने नामांकन के दौरान शपथ पत्र में केवल 3 आपराधिक मामलों का जिक्र किया
- जबकि वास्तविकता में उनके खिलाफ लोयाबाद थाना क्षेत्र में कुल 7 मामले लंबित हैं
कानून का उल्लंघन या चुनावी धोखाधड़ी?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि:
- शपथ पत्र में पूरी जानकारी न देना झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट 2011 का उल्लंघन है
- यह मतदाताओं और चुनावी व्यवस्था के साथ धोखाधड़ी है
- इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2002 के ऐतिहासिक फैसले का हवाला भी दिया गया है, जिसमें उम्मीदवारों को पूरी आपराधिक जानकारी देना अनिवार्य बताया गया था
कोर्ट का अगला कदम
अदालत द्वारा नोटिस जारी होने के बाद अब:
- अरुण चौहान को जवाब दाखिल करना होगा
- अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी
- केस के आधार पर चुनाव रद्द होने तक की कार्रवाई संभव
क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला सिर्फ एक चुनावी विवाद नहीं, बल्कि पारदर्शिता और चुनावी ईमानदारी से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह फैसला भविष्य के चुनावों पर भी असर डाल सकता है।












