मणिटोला स्थित मां काली मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय बड़ा पूजा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जय मां काली जगदंबा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में दूर-दराज से पहुंचे भक्त मां काली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए घंटों कतार में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

शुक्रवार को महोत्सव की भव्य शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और मां काली के दर्शन के साथ हुई थी। शाम 5 बजे निकाली गई विशाल शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। मुख्य पुजारी रामेश्वर पासवान के नेतृत्व में निकली इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। यात्रा के दौरान 101 श्रद्धालुओं ने माता रानी का ध्वज उठाकर आस्था का परिचय दिया।

रांची की प्रसिद्ध ताशा पार्टी, बंगाल से आए ढाक कलाकारों और झारखंड के पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। पद्मश्री मुकुंद नायक की टीम भी 51 ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुई। ग्रामीण मार्गों से गुजरते हुए शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर पहुंची।
इससे पूर्व सुबह मां काली की विशेष पूजा की गई, जिसमें मां को खीर, पूड़ी और हलवा का भोग अर्पित किया गया। बाद में प्रसाद हजारों श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। पूजा-अर्चना का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
ट्रस्ट के सचिव पवन पासवान ने बताया कि 17 मई को मंदिर का पट सुबह 3 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। भक्त रात 11 बजे तक मां का दर्शन कर सकेंगे। इसी दिन विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार झारखंड, बिहार, बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और दिल्ली समेत कई राज्यों से करीब सवा लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं के लिए सवा लाख लोगों के प्रसाद की व्यवस्था की गई है। खिचड़ी और सब्जी का भोग लगाया जाएगा, जबकि मां काली को 56 प्रकार के मिष्ठान अर्पित किए जाएंगे। शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक माता का जागरण भी होगा, जिसमें भजन गायक भक्तों को भक्ति रस में सराबोर करेंगे।







