Stock Market Update: मार्केट क्रैश! ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने से सेंसेक्स का अंक टूटा
Stock Market Update Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी सोमवार, 13 अप्रैल 2026 का दिन भारी गिरावट लेकर आया है। वैश्विक तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने की खबरों ने निवेशकों के करोड़ों रुपये डुबो दिए हैं।
मुख्य आकर्षण
- सेंसेक्स: 1,300 अंक (65%) की गिरावट के साथ 76,270 पर।
- निफ्टी: 370 अंक (56%) फिसलकर 23,670 के स्तर पर।
- ब्रेंट क्रूड: 7% उछलकर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार।
- सबसे ज्यादा असर: सरकारी बैंक (PSU Banks) के शेयरों में भारी बिकवाली।
बाजार गिरने के 3 बड़े कारण
- ईरान-अमेरिका शांति वार्ता बेनतीजा
पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच चली 21 घंटे की लंबी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की वापसी और अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की खबरों ने युद्ध की आशंका बढ़ा दी है।
- कच्चे तेल की कीमतों में आग
सप्लाई चेन बाधित होने के डर से ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। आज इसमें 7% की भारी तेजी देखी गई।
- FII की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अप्रैल महीने में अब तक 48,213 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी (संभावित स्तर 94) ने भी बाजार का सेंटिमेंट खराब किया है।
10 अप्रैल का फ्लैशबैक
शुक्रवार, 10 अप्रैल को बाजार का हाल आज के विपरीत था। उस दिन की प्रमुख स्थिति इस प्रकार थी:
- सेंसेक्स: 77,550 (919 अंक ऊपर)
- निफ्टी: 24,051 (276 अंक ऊपर)
- टॉप गेनर्स: एशियन पेंट (81%), आयशर मोटर्स (3.75%), बजाज ऑटो (3.29%)।
- टॉप लूजर्स: कोल इंडिया (-14%), सन फार्मा (-3.62%), इंफोसिस (-3.02%)।
निफ्टी के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
वेल्थ व्यू एनालिटिक्स के अनुसार, निवेशकों को इन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए:
| स्थिति | लेवल्स (Levels) |
| सपोर्ट जोन (Support) | 23,940 |
| रेजिस्टेंस जोन (Resistance) | 24,143 |
ग्लोबल मार्केट का हाल (एशियाई बाजार)
ईरान संकट का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया पर दिख रहा है:
- कोस्पी (साउथ कोरिया):37% की गिरावट
- निक्केई (जापान):00% की गिरावट
- हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग):24% की गिरावट
बाजार में वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।













