झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चार जिलों—धनबाद, जामताड़ा, गिरिडीह और खूंटी—के सदर अस्पतालों को पीपीपी (Public-Private Partnership) मोड में Medical College के रूप में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी गई है।
इस फैसले से राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है।
FMG इंटर्न को मिलेगा स्टाइपेंड
कैबिनेट ने विदेश से मेडिकल डिग्री (Foreign Medical Graduate – FMG) हासिल करने वाले छात्रों के लिए भी राहत दी है। अब राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले FMG छात्रों को ₹17,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है।
उनके मुताबिक, स्थानीय स्तर पर Medical College खुलने से राज्य के युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और यहीं डॉक्टर तैयार होंगे।
केंद्र-राज्य साझेदारी से होगा निर्माण
इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना केंद्र सरकार की ‘PPP मोड में मेडिकल कॉलेज योजना’ के तहत की जाएगी।
परियोजना को Department of Economic Affairs के तहत VGF (Viability Gap Funding) स्कीम से लागू किया जाएगा।
- धनबाद मेडिकल कॉलेज – VGF उपयोजना-1
- खूंटी, जामताड़ा और गिरिडीह – VGF उपयोजना-2
फंडिंग पैटर्न:
- केंद्र सरकार:
उपयोजना-2 में 40% पूंजीगत और 25% परिचालन व्यय
- राज्य सरकार:
25% से 40% पूंजीगत और 15% से 25% परिचालन व्यय
कितनी होंगी सीटें (MBBS Seats):
- खूंटी – 50 सीटें
- जामताड़ा – 100 सीटें
- धनबाद – 100 सीटें
- गिरिडीह – 100 सीटें
क्या होगा फायदा?
- राज्य में डॉक्टरों की कमी होगी दूर
- स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा का अवसर
- जिला स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा
- रोजगार के नए अवसर
- मरीजों का दूसरे राज्यों में जाना होगा कम












